अपनी हार को लेकर मनु भाकर ने कहा कि मुझे बहुत खेद है, लेकिन उन्होंने (कोच ने) मुझे कभी नहीं छोड़ा। उन्हें निकालने का फैसला भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) प्रमुख रनिंदर सिंह  ने लिया है। 

स्पोर्ट्स डेस्क.  टोक्यो ओलंपिक-2020 में भारत को अपने निशानेबाजों से मेडल की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। निशानेबाज मनु भाकर सभी इवेंट में हार के साथ बाहर हो गई हैं। हार के बाद एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने कोच जसपाल राणा को लेकर कई खुलासे किए हैं। मनु भाकर ने तीन स्पर्धाओं में भाग लिया था। लेकिन हर बार उन्होंने देशवासियों का दिल तोड़ा। मनु भाकर को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा है। उन्होंने अब अपने कोच को लेकर खुलासे किया है।

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उन्होंने इंटरव्यू में बताया कि "सबसे पहले, मैं पिछले 4-5 महीनों से सोशल मीडिया से दूर हूं और मुझे बाहर क्या हो रहा है, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। मेरे जीवन और शूटिंग करियर में भी बहुत नकारात्मकता है। निजी जीवन और मेरा परिवार भी 3 या 4 महीने पहले मेरी जिंदगी में बहुत निगेटिवटी थी, हालांकि मैंने खुद पॉजिटिव रखने की पूरी कोशिश की। 

अपनी हार को लेकर मनु भाकर ने कहा कि मुझे बहुत खेद है, लेकिन उन्होंने (कोच ने) मुझे कभी नहीं छोड़ा। उन्हें निकालने का फैसला भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) प्रमुख रनिंदर सिंह ने लिया है। क्योंकि मैंने उन्हें बताया और उन्होंने यह भी महसूस किया कि मेरे जीवन के साथ सब कुछ नकारात्मक हो रहा था। जिन लोगों पर मैंने सबसे ज्यादा भरोसा किया, उन्होंने मुझे नीचे खींचने की कोशिश की, हो सकता है क्योंकि कुछ व्यक्तिगत लाभों के लिए ऐसा किया।

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इससे पहले, नई दिल्ली में ISSF विश्व कप में, राणा को सफेद टी-शर्ट पहने करणी सिंह शूटिंग रेंज में देखा गया था। जिसके पीछे मनु भाकर द्वारा भेजा गया एक पर्सनल मैसेज छपा हुआ था। इस बारे में मनु भाकर ने कहा- मैंने जसपाल राणा को कोई मैसेज नहीं भेजा गया था और एनआरएआई ने पूरी स्थिति को देखते हुए उन्हें हटाने का फैसला लिया। 

मैं उनका सम्मान करती हूं
मनु ने कहा- कुछ लोगों ने मुझसे मैसेज के बारे में पूछा और मैंने उन्हें बताया कि मैंने इसे नहीं लिखा। जो मैंने किया ही नहीं, तो मैं इसके बारे में क्यों सोचंगी। मैं उनका (कोच जसपाल राणा) सम्मान करती थी, मैं अब भी करती हूं लेकिन उन्होंने मेरे साथ जो किया वह बिल्कुल भी अच्छा नहीं था।