मीडिया से बात करते हुए भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह की मां ने कहा कि हमें यहीं नहीं रुकना है। अभी गोल्ड मेडल की तैयारी करनी है। उन्होंने कहा कि मैच देखने के दौरान बीच में थोड़ा टेंशन में आ गई थी, लेकिन फिर अचानक सब टेंशन खुशी में बदल गई।

टोक्यो ओलंपिक 2020 (Tokyo Olympics 2020) में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया है। जर्मनी (India vs Germany) के साथ हुए कांस्य पदक मुकाबले में भारत ने 5-4 से शानदार जीत दर्ज की। चार दशक बाद टीम इंडिया को मेडल मिला। पूरे देश में जश्न का माहौल है। जब भारतीय हॉकी टीम इतिहास बना रही थी, उस वक्त टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह की मां टीवी देख रही थीं। उन्होंने बताया कि देश की इतनी बड़ी उपलब्धि को वो कैसे देखती हैं?

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'अभी गोल्ड की तैयारी करनी है'
मीडिया से बात करते हुए भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह की मां ने कहा कि हमें यहीं नहीं रुकना है। अभी गोल्ड मेडल की तैयारी करनी है। उन्होंने कहा कि मैच देखने के दौरान बीच में थोड़ा टेंशन में आ गई थी, लेकिन फिर अचानक सब टेंशन खुशी में बदल गई। 

हॉकी पकड़े हुए मनप्रीत सिंह की मां

'15 दिन तक जश्न की तैयारी' 
मनप्रीत सिंह की मां ने कहा कि बेटा वापस लौटेगा तो पहले जश्न होगा। वो भी एक या दो दिन नहीं, बल्कि 15 दिन तक। कोई जल्दबाजी नहीं करनी। बेटे से यहीं कहूंगी कि अब अगले मैच की तैयारी करो। अगले साल ही गोल्ड लेकर आएंगे। 

मां ने बताया, बेटे को क्या खिलाएंगी?
मीडिया ने पूछा कि मनप्रीत को खाने में क्या पसंद है तब उनकी मां ने हंसते हुए जवाब दिया कि बेटे को आलू की सब्जी और पराठा पसंद है। मैं बचपन में उसे यही सब खिलाती थी। जब वो जीतकर आएगा तो उसे आलू की सब्जी और पराठे ही खिलाऊंगी। लेकिन वह सिर्फ मेरे हाथ का बना ही खाता है।

10 साल से खेल रहे हैं हॉकी
मनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 41 साल बाद इतिहास रचा है। वे 10 साल की उम्र से ही हॉकी खेल रहे हैं। उन्हें हॉकी खेलने की प्रेरणा पूर्व कप्तान परगट सिंह से मिली थी। मनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारतीय टीम एशिया कप और एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी में गोल्ड, चैम्पियंस ट्रॉफी में सिल्वर और 2018 एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीत चुकी है।