Asianet News HindiAsianet News Hindi

जिस घोड़े ने 2018 में खिलाड़ी को दिलाए 2 सिल्वर मेडल, उसी के साथ ओलंपिक के मैदान पर उतरेंगे फौआद मिर्जा

फौआद मिर्जा के घोड़े 'सिग्नूर मेडिकॉट' को गुरुवार को 'साउंड इन हेल्थ' के रूप में प्रमाणित किया गया और शुक्रवार को टोक्यो ओलंपिक का मैच शुरू होने से पहले उनके घोड़े ने सभी आवश्यक मानदंडों को पूरा किया गया। 
 

Tokyo Olympics 2020,  Indian Equestrian Fouaad Mirza to compete on 30th July,  Seigneur Medicott gets sound in health certificate dva
Author
Tokyo, First Published Jul 29, 2021, 3:55 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय घुड़सवार फौआद मिर्जा (Equestrian Fouaad Mirza) के बराबरी के साथी और उनके घोड़े 'सिग्नूर मेडिकॉट' (Seigneur Medicott) को गुरुवार को 'साउंड इन हेल्थ' के रूप में प्रमाणित किया गया और शुक्रवार को टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics 2020) का मैच शुरू होने से पहले उनके घोड़े ने सभी आवश्यक मानदंडों को पूरा किया गया। निर्णायक समिति ने शुक्रवार और सोमवार के बीच होने वाले कार्यक्रम के लिए मिर्जा के घोड़े को मंजूरी दे दी है। बता दें कि किसी भी घुड़सवार के लिए उनके घोड़े ही सबकुछ होते हैं। रेस जीतने में जितनी भूमिका घुड़सवार की होती है उतनी ही घोड़े की भी होती है।

मिर्जा का समर्थन करने वाले एम्बेसी ग्रुप की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, "सिग्नूर मेडिकॉट को स्वस्थ होने के रूप में प्रमाणित किया गया था और निर्णायक समिति के अनुसार आवश्यक मानदंडों को पूरा किया है।" अब मिर्जा और उनका घोड़ा 30 जुलाई से दो अगस्त के बीच होने वाली आगामी स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे।

2018 में सीग्नूर मेडिकॉट ने फौआद को दिलाया था सिल्वर
फौआद मिर्जा लंबे समय से अनुभवी 'सिग्नूर मेडिकॉट' की सवारी कर रहे हैं। ये वहीं घोड़ा है, जिसने 2018 एशियाई खेलों में उन्हें सिल्वर मेडल जिताया था। इसके बाद उन्होंने इसी घोड़े को टोक्यो ओलंपिक  2020 लाने का फैसला किया। इससे पहले मिर्जा ने घोषणा की थी कि वह टोक्यो खेलों में ‘दजारा 4’ के साथ उतरेंगे लेकिन बाद में उन्होंने अपना फैसला बदल दिया।

कौन हैं फौआद मिर्जा
फौआद मिर्जा एक भारतीय घुड़सवारी हैं जिन्होंने 2018 एशियाई खेलों में  सिंगल और टीम प्रतियोगिता दोनों में सिल्वर मेडल जीते हैं। वह 1982 के बाद पहले भारतीय बने और एशियाई खेलों में खेल में एक व्यक्तिगत कार्यक्रम में दो रजत जीतने का इतिहास बनाया। इसके साथ ही वह टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय भी बने। इम्तियाज अनीस के बाद मिर्जा खेलों में भाग लेने वाले पहले भारतीय राइडर बन हैं।

ये भी पढ़ें- ओलंपिक से बाहर होने के बाद दुबई में चिल करती नजर आईं सानिया मिर्जा, फैंस बोले- 'मेडल लाना तुम्हारे बस का नहीं'

पिता की नाराजगी, कंधे में चोट-जला हाथ भी नहीं तोड़ पाया मुक्केबाज का सपना, अब लाने वाली है देश के लिए मेडल

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios