आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की पेशी से छूट की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। इस मामले में 15 महीने तक जेल में रहने के बाद सितंबर 2013 में जमानत पर रिहा किया गया था। 

हैदराबाद. सीबीआई की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपनी कंपनियों में कथित रूप से ‘‘गलत ढंग से फायदा पहुंचाने वाले’’ निवेश से संबंधित मामलों की सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट मांगी थी। जगन के दिवंगत पिता वाई एस राजशेखर रेड्डी के मुख्यमंत्री रहते हुए 2004 और 2009 के बीच जगन की फर्मों में विभिन्न कंपनियों द्वारा निवेश किया गया था। आरोप है कि ये निवेश कथित रूप से इन कंपनियों को पहुंचाए गए फायदे के बदले किया गया।

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पेशी से मांगी थी छूट
जगन ने मुख्यमंत्री के रूप में विभिन्न कारणों से हमेशाअदालत में पेश होना असंभव बताते हुए पेशी से छूट की मांग की थी। जांच एजेंसी ने उनकी इस याचिका का विरोध किया और कहा कि वह इस आधार पर गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।

2013 में जमानत पर हुए थे रिहा
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी को इस मामले में 15 महीने तक जेल में रहने के बाद सितंबर 2013 में जमानत पर रिहा किया गया था। सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें आदेश दिया था कि वह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे और सुनवाई के दौरान अदालत में हाजिर होंगे।