गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शनिवार को कहा कि यदि भगवान भी राज्य में शासन के लिए आ जाएं तो भी वह प्रत्येक नागरिक को सरकारी क्षेत्र में नौकरी नहीं दे सकेंगे।

पणजी. गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शनिवार को कहा कि यदि भगवान भी राज्य में शासन के लिए आ जाएं तो भी वह प्रत्येक नागरिक को सरकारी क्षेत्र में नौकरी नहीं दे सकेंगे। सावंत ने राज्य द्वारा आयोजित रोजगार मेले के उद्घाटन में कहा कि सरकार पांच से छह हजार लोगों को सरकारी विभागों में रख सकती है।

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उन्होंने कहा, ‘‘यदि कल भगवान आ जायें और राज्य में शासन करें तो भी वह लोगों को 100 प्रतिशत सरकारी नौकरी नहीं दे पाएंगे।’’मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मेरे पास कई लोग सरकारी नौकरी के लिए आते हैं। यद्यपि प्रत्येक नागरिक को सरकारी क्षेत्र में समायोजित करना असंभव है।’’उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में सरकारी क्षेत्र में 55 से 60 हजार कर्मचारी स्थायी तौर पर कार्यरत हैं जबकि 10 हजार संविदा या अंशकालिक कर्मचारी हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने गोवा कर्मचारी चयन आयोग विधेयक पहले ही पारित कर दिया है जिसके तहत सरकारी विभागों के लिए लोगों की भर्ती करने के लिए एक आयोग का गठन किया जाएगा। इस बीच सावंत ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि समय से कार्यालय आयें नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग प्रमुखों को निर्देश दिये गए हैं कि उन सभी कर्मचारियों को नोटिस जारी किये जाएं जो नियमित तौर पर ड्यूटी पर देर से आते हैं और अपने कार्य के प्रति समर्पित नहीं हैं।

[यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है]