हिमाचल प्रदेश से एक मां की ममता का मामला सामने आया है, जहां एक महिला अपने 10 माह के बच्चे को गोद में लेकर उसका इलाज कराने जा रही थी। तभी उसको ऊपर पहाड़ से एक पत्थर आकर गिरा और उसकी मौत हो गई, लेकिन वह मरने से पहले अपने लाल को बचा गई। 

मंडी (हिमाचल). कहते हैं मां अपनी जान देकर भी बच्चे की जान बचाती है। ऐसा की एक मामला हिमाचल प्रदेश से सामने आया है, जहां एक महिला अपने 10 माह के बच्चे को गोद में लेकर उसका इलाज कराने जा रही थी। तभी उसको ऊपर पहाड़ से एक पत्थर आकर गिरा और उसकी मौत हो गई, लेकिन वह मरने से पहले अपने लाल को बचा गई।

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पलक झपकते ही झरने ऊपर आ गिरा पत्थर
दरअसल, मंडी जिला में सुंदरनगर इलाके के बाढु गांव की 5 महिलाएं बच्चों का इलाज कराने के लिए पैदल अस्पताल जा रही थीं। इसी दौरान एक महिला रास्ते में पानी पीने के लिए झुकी, लेकिन इससे पहले उसने बेटे को अपनी सहेली को दे दिया। फिर पलक झपकते ही झरने के ऊपर से एक बड़ा पत्थर उसके ऊपर आ गिरा और वह झाड़ियों में फंस गई।

महिला की मौत के बाद लोगों ने कहा-ऐसी होती है मां...
स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद खाई से महिला को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। लेकिन तब तक शायद वह दुनिया छोड़ चुकी थी, तभी तो डॉक्टरों ने उसको देखते ही मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद हर कोई यही कह रहा है कि देखो ऐसी होती है मां, हादसे से पहले वह अपने बेटे को किस तरह बचा गई। अगर वह बच्चे के साथ पानी पीने लगती तो शायद मासूम की जान भी जा सकती थी।