गुजरात के सुरेंद्रनगर में देर रात दर्दनाक हादसे ने सबको दहला दिया। अहमदाबाद से राजकोट जा रही लग्ज़री बस अचानक टैंकर से टकराई और कुछ ही सेकंड में आग की लपटों में घिर गई। 4 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि 10 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। टैंकर का टायर फटना हादसे की वजह बताया जा रहा है, लेकिन टैंकर में क्या भरा था, यह अब भी रहस्य बना हुआ है।
सुरेंद्रनगर, गुजरात: गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। चोटिला-राजकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर आज तड़के एक निजी लग्ज़री बस और टैंकर के बीच हुई भीषण भिड़ंत ने चार परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं। इस दर्दनाक हादसे में बस में आग लग जाने के कारण अब तक 4 यात्रियों की जलकर मौत हो गई, जबकि 10 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

सन्नाटे को चीरती चीखें: जब काल बनकर हाईवे पर दौड़ा टैंकर
हादसा आज सुबह लगभग 2.30 बजे हुआ, जब अहमदाबाद से राजकोट की ओर जा रही एक निजी लग्ज़री बस संगानी गाँव के पास पहुंची थी। सड़क पर सब कुछ सामान्य था और बस में सवार लगभग 40 यात्री गहरी नींद में थे। अचानक, बस के आगे चल रहे एक टैंकर का टायर जोरदार धमाके के साथ फट गया। टायर फटने से टैंकर अनियंत्रित हो गया और पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस सीधे उससे जा टकराई। सन्नाटे से भरी रात अचानक चीख-पुकार और धमाकों की आवाज़ से दहल उठी।
चंद सेकेंड में 'नरक' बनी लग्ज़री बस: आग का वो खौफनाक मंजर
पुलिस उपाधीक्षक (DSP) एसएस भदौरिया के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहनों के आपस में रगड़ने से निकली चिंगारी ने तुरंत विकराल आग का रूप ले लिया। चश्मदीदों की मानें तो बस और टैंकर को आग की लपटों ने कुछ ही सेकंड में पूरी तरह घेर लिया। बस के भीतर सो रहे यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आग फैलते ही पूरी बस 'आग का गोला' बन गई, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। अपनी जान बचाने के लिए लोग खिड़कियों और दरवाजों की ओर भागे, लेकिन चार बदकिस्मत यात्री आग की लपटों से बाहर नहीं निकल पाए और मौके पर ही उनकी जलकर मौत हो गई।
झुलसे लोगों को कहां कराया गया भर्ती
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों वाहनों में लगी आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। झुलसे हुए 10 यात्रियों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए राजकोट सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि टैंकर में कौन सा पदार्थ भरा था, जिसने आग को इतनी तेजी से भड़काया।
सुरक्षा पर सवाल: क्या टाला जा सकता था यह हादसा?
राजमार्ग पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर वाहनों के रखरखाव और तेज रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टायर फटने जैसी तकनीकी खराबी ने न केवल टैंकर चालक का नियंत्रण खोया, बल्कि पीछे चल रही बस को भी अपनी चपेट में ले लिया। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और मृतकों के शवों को शिनाख्त के लिए सुरक्षित रखा गया है। गुजरात के मुख्यमंत्री और स्थानीय प्रशासन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।


