राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण के प्रमुख और पूर्व सांसद तरुण विजय ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह से मुलाकात की। उन्होंने सीएम के साथ रुक्मिणी कृष्ण यात्रा के तौर-तरीकों पर चर्चा की। यात्रा का आयोजन अरुणाचल के भीष्मक नगर से गुजरात के पोरबंदर तक होगा। 

अहमदाबाद। पूर्व सांसद और एसवाईएनई (Students and Youth for North East Integration) के अध्यक्ष तरुण विजय ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह से मुलाकात की। उन्होंने सीएम के साथ अरुणाचल के भीष्मक नगर से गुजरात के पोरबंदर तक आयोजित किए जाने वाले रुक्मिणी कृष्ण यात्रा के तौर-तरीकों पर चर्चा की। एक भारत श्रेष्ठ भारत की अवधारणा और आजादी का अमृत महोत्सव वर्ष के तहत इस अनूठी यात्रा को राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए आयोजित किया जा रहा है। 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के युवाओं को गुजरात से जोड़ने की पहल शुरू की थी। रुक्मिणी कृष्ण यात्रा उनके विचार को आगे बढ़ाने के लिए आयोजिक की जा रही है। रुक्मिणी इदु मिश्मी जनजाति से थीं। उनका विवाह भगवान कृष्ण से हुआ था। रुक्मिणी की पुकार पर भगवान कृष्ण द्वारिका (गुजरात) से रथ पर सवार होकर अरुणाचल प्रदेश गए थे। 

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रुक्मिणी और कृष्णा की पोस्टिंग किया भेंट
2018 में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के नेतृत्व में अरुणाचल के युवाओं को साथ लेकर एक यात्रा माधवपुर घेड तक की गई थी। इस यात्रा में लाखों कृष्ण रुक्मिणी भक्त शामिल हुए थे। राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण के प्रमुख तरुण विजय ने कहा कि उन्होंने रुक्मिणी और कृष्णा की एक पोस्टिंग मुख्यमंत्री को भेंट की। इसे अरुणाचल के एक कलाकार ने बनाया है। यात्रा को लेकर वह बहुत सकारात्मक थे। उन्होंने कहा कि कृष्ण रुक्मिणी यात्रा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए एक महान सूत्र होगा।

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