बताया जाता है कि पांचों लोग आपस में रिश्तेदार थे। सभी चमोली कस्बे पास भीमतल्ला गांव की एक शादी में शामिल होकर स्विफ्ट कार से वापस जोशीमठ लौट रहे थे। लेकिन पहुंचने से पहले ही उनका हादसा हो गया। परिजन पूरी रात उनको फोन लगाते रहे, मगर किसी का कोई जवाब नहीं मिला। 

गोपेश्वर (उत्तराखंड). पहाड़ी इलाकों में अक्सर हादसों की वजह से कई लोग अपनी जान गंवा देते हैं। ऐसा ही एक भीषण एक्सीडेंट उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ। जहां एक कार तेज रफ्तार में अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। जिसमें बाप-बेटे सहित पांच लोगों की मौके पर मौत हो गई।

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कोई चीख-पुकार सुनने वाला भी नहीं था
दरअसल, यह दर्दनाक एक्सीडेंट पीपलकोटी और जोशीमठ के बीच गरुड़ गंगा गांव के पास शनिवार देर रात हुआ। जिसकी जानकारी अगले दिन रविवार सुबह राहगीरों के जरिए पता चली। रात होनो की वजह से किसी ने उनको देखा भी नहीं। वह चीखते रहे होंगे, लेकिन कोई उनकी चीख-पुकार सुनने वाली भी नहीं था। हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीण वहां पहुंचे और पुलिस को मौके पर बुलाकर पांचों के शव बरामद किए गए।

मृतक आपस में थे सभी रिश्तेदार
बताया जाता है कि पांचों लोग आपस में रिश्तेदार थे। सभी चमोली कस्बे पास भीमतल्ला गांव की एक शादी में शामिल होकर स्विफ्ट कार से वापस जोशीमठ लौट रहे थे। लेकिन पहुंचने से पहले ही उनका हादसा हो गया। परिजन पूरी रात उनको फोन लगाते रहे, मगर किसी का कोई जवाब नहीं मिला। जिसके बाद वह सुबह पुलिस को सूचना देकर तलाश करने के लिए निकले। इसी दौरान उनको हादसे की खबर पता चली।

इस वजह से हुआ यह दर्दनाक हादसा
मृतकों के परिजन और ग्रामीणों का कहना है कि बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चमोली से 16 किलोमीटर दूर एक नया पुल बनाया जा रहा है। जिसकी वजह से आवाजाही वाले लोगों को परेशानी हो रही है। इतना ही नहीं यहां को बैरीकेडिंग भी नहीं है। वहीं बदरीनाथ के विधायक महेंद्र भट्ट का आरोप है कि यदि नए पुल को जाने वाले मार्ग पर बैरीकेडिंग लगे होते तो हादसे को टाला जा सकता था। निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उस पर कार्रवाही करने की मांग की है।