पठानकोट में हादसा: पत्नी की मौत के बाद गर्भ में पल रहे 8 महीने के बच्चे की जिंदगी के लिए ईश्वर से दुआ करता रहा पति..लेकिन होनी को कुछ और मंजूर था.. 

पठानकोट, पंजाब. एक हादसे ने पूरा परिवार बिखेर दिया। गर्भवती पत्नी की मौत के बाद उसके गर्भ में पल रहे 8 महीने के बच्चे को बचाने की भी उम्मीद टूटने पर पति फूट-फूटकर रो पड़ा। महिला स्कूटी से पैर फिसलने पर नहर में जा गिरी थी। उस वक्त नहर में पानी का बहाव तेज था। इससे वो करीब 2 किमी तक बहती चली गई।

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पति ने खुद को जैसे-तैसे बहने से बचाया...
पुलिस के अनुसार, हादसा माधोपुर में हुआ। गांव गुगरां निवासी 28 सुनीता स्वास्थ्य विभाग में एएनएम थी। वो 8 महीने की गर्भवती थी। सुनीता जुगियाल में अपने विभाग की एक बैठक में शामिल होने निकली थी। वो अपने पति देवेंद्र के साथ स्कूटी पर बैठी थी। देवेंद्र बैंककर्मी है। रास्ते में अचानक सुनीता का पैर फिसल गया और वो नहर में जा गिरी। देवेंद्र भी स्कूटी से नहर में गिरा था। हालांकि उसने खुद को झाड़ियां पकड़कर बचा लिया। लेकिन सुनीता खुद को नहीं बचा पाई। वो करीब 2 किमी दूर तक बह गई।

पति ने मचाया शोर..
सुनीता को बहते देख देवेंद्र ने शोर मचाना शुरू किया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने सुनीता को खोजना शुरू किया। काफी दूर सर्च करने पर सुनीता बेहोश पड़ी मिली थी। उसे फौरन पठानकोट के सिविल हास्पिटल पहुंचाया गया।। हालांकि उसे बचाया नहीं जा सका। उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की भी जान चली गई। दम्पती की तीन साल पहले शादी हुई थी। सुनीता कैलाशपुर स्थित डिस्पेंसरी में कार्यरत थी। पत्नी और बच्चे की मौत की खबर ने देवेंद्र को सदमे में डाल दिया है।