29 मई की शाम मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके एक दिन पहले ही आम आदमी पार्टी की सरकार ने उनकी सिक्योरिटी को कम कर दिया था। जिस वक्त हत्या हुई, उनके साथ कोई गनमैन नहीं था। जिससे लोगों में काफी आक्रोश है।

मानसा : पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moose Wala) के गांव में मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) को जोरदार विरोध का सामना करना पड़ा है। मान शुक्रवार को मानसा के गांव मूसा पहुंचे। उन्होंने मूसेवाला के माता-पिता से मुलाकात की। सीएम का कार्यक्रम वैसे तो सुबह आठ बजे का ही था लेकिन गांव में विरोध को देखते हुए वे दो घंटे देरी से पहुंचे। लेकिन फिर भी उनको विरोध का सामना करना पड़ा। सिद्धू के घर के बाहर जमकर हंगामा हुआ।

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सीएम की सिक्योरिटी से समस्या
लोगों का कहना है कि सीएम के यहां आने से सुरक्षा बढ़ाई गई है। जिससे काफी परेशानी हो रही है। मुख्यमंत्री के चलते मूसेवाला के रिश्तेदारों को भी अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। इसी को लेकर लोगों ने पुलिस प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। सीएम के काफिले के सामने भी लोगों ने अपना विरोध जताया है। घर के बाहर काफी देर तक हंगामा हुआ है। कुछ नाराजगी इसलिए भी है क्योंकि जिस दिन मूसेवाला की हत्या हुई, उसके एक दिन पहले ही मान सरकार ने उनकी सुरक्षा घटा दी थी।

आप की सरकार का विरोध
इससे पहले मूसा गांव पहुंचे आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक गुरप्रीत सिंह बणावाली को भी विरोध का सामना करना पड़ा था। लोगों ने उन्हें उल्टे पैर वापस भेज दिया था। लोगों का कहना है कि प्रदेश में आप के 92 विधायक हैं लेकिन जब मूसेवाला का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, तब सारे विधायक कहां थे। एक भी विधायक क्यों नहीं पहुंचा। अंतिम संस्कार के बाद जब इसको लेकर सवाल उठे तो कुछ विधायक सिंगर के घर पहुंचे। गुरुवार को वित्त मंत्री हरपाल चीमा और पंचायत मंत्री कुलदीप धालीवाल भी गांव पहुंचे थे। फोन पर ही उन्होंने परिजनों की मुख्यमंत्री से बात भी कराई थी।

यूथ नाराज तो टेंशन में सरकार
बता दें कि राज्य की संगरूर सीट पर 23 जून को उपचुनाव होना है। विधानसभा में पार्टी को सबसे ज्यादा युवाओं का ही साथ मिला था लेकिन सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद यूथ आप सरकार के खासा नाराज है। ऐसे में आप को डर है कि कहीं इसका खामियाजा उसे उपचुनाव में न उठाना पड़े। यही कारण है कि गुरुवार को मुख्यमंत्री दिल्ली पहुंचे थे। वहां उन्होंने आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के बाद मूसेवाला के गांव आने का मन बनाया।

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