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Punjab Election 2022: कांग्रेस और अकाली दल को बड़ा झटका, अरविंद खन्ना और गुरदीप सिंह गोशा बीजेपी में शामिल

 पंजाब में चुनाव की तारीखों के ऐलान होते ही भाजपा ने सक्रियता बढ़ा दी है। मंगलवार को सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस और अकाली दल को फिर बड़ा झटका लगा है। बड़े बिजनेसमैन और नेता अरविंद खन्ना भाजपा में शामिल हो गए। इसके अलावा, यूथ अकाली दल के पूर्व अध्यक्ष गुरदीप सिंह गोशा ने भाजपा जॉइन कर ली है। 

Punjab Assembly Election 2022 Big businessman and leader Arvind Khanna Joined BJP at party headquarters in New Delhi UDT
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Punjab, First Published Jan 11, 2022, 12:13 PM IST

नई दिल्ली। पंजाब में चुनाव की तारीखों के ऐलान होते ही भाजपा ने सक्रियता बढ़ा दी है। मंगलवार को सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस और अकाली दल को फिर बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के पूर्व विधायक और बिजनेसमैन अरविंद खन्ना भाजपा में शामिल हो गए। खन्ना कैप्टन के खास रिश्तेदार हैं। चर्चा थी कि खन्ना को 5 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिरोजपुर में होने वाली रैली में बीजेपी की सदस्यता लेनी थी। मगर, कार्यक्रम रद्द होने से बीजेपी में एंट्री नहीं हो पाई थी। इसके अलावा, यूथ अकाली दल के पूर्व अध्यक्ष गुरदीप सिंह गोशा ने भाजपा जॉइन कर ली है। इससे पहले उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया था। अमृतसर से पूर्व पार्षद धर्मवीर सरीन, पंथ रत्न जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहरा मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष कंवर सिंह टोड़ा का नाम भी शामिल है। 

हालांकि, पहले अरविंद खन्ना के कभी अकाली दल तो कभी कांग्रेस में ही वापसी की चर्चा थी, लेकिन अब कयासों को खत्म कर वह भाजपा में शामिल हो गए। संभावना है कि वह संगरूर से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। खन्ना पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बुआ के बेटे हैं। इससे पहले कांग्रेस के विधायक फतेहजंग सिंह बाजवा ने भी कांग्रेस को अलविदा कहा है।  इस दौरान केंद्रीय मंत्री जीएस शेखावत ने कहा कि पंजाब के फिरोजपुर में किसी भी राजनीतिक रैली में अब तक सबसे ज्यादा लोग शामिल होने आ रहे थे। लेकिन राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने पुलिस की मिलीभगत से ना सिर्फ जनता, बल्कि पीएम को भी रैली में शामिल होने से रोक दिया। इसने भाजपा कार्यकर्ताओं के संकल्प को ही मजबूत किया है।

जानें अरविंद खन्ना के बारे में...
दिल्ली के बड़े व्यापारी अरविंद खन्ना ने साल 1998 में संगरूर में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा के जरिए अकाली दल में एंट्री की थी। 2000 में कैप्टन अमरिंदर सिंह से रिश्तेदारी और नजदीकियों के चलते कांग्रेस में शामिल हो गए थे। वह 2002 में संगरूर से कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीते। 2004 में खन्ना कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव में उतरे, लेकिन हार गए थे। 2007 में घरेलू कारणों के चलते विधानसभा चुनाव में सामने नहीं आए। साल 2012 में फिर राजनीति में एक्टिव हुए और धूरी से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते। 

2022 में फिर एक्टिव हुए खन्ना
हालांकि, इस बीच अरविंद खन्ना ने घरेलू समस्याओं के चलते विधायक पद से इस्तीफा दिया और रजनीति से दूरी बना ली। मौजूदा 2022 के विधानसभा चुनाव में फिर से अरविंद खन्ना राजनीति में सक्रिय हो गए हैं और भाजपा में एंट्री ले ली है। 

गोशा बोले- समाज की सेवा करते रहेंगे
भाजपा में शामिल होने से पहले गुरदीप सिंह गोशा ने कहा कि उन्होंने अपनी जिम्मदारी पूरी ईमानदारी से निभाई है। शिअद और समाज कीसेवा पूरे तन, मन, धन और खून-पसीने से करते रहे हैं। कुछ कारणों के चलते इस्तीफा दे दिया। वह समाज के प्रति अपनी सेवाएं देते रहेंगे।

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