पंजाब राजस्व अधिकारी संघ ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है।  राजस्व अधिकारियों ने आरोप लगाया कि नायब तहसीलदार और पटवारियों को लांगी जिला श्री मुक्तसर साहिब में किसान जत्थेबंदी द्वारा हिरासत में लिया गया है। किसान इन पर दबाव डाल रहे थे कि वह गलत काम करे।

चंडीगढ़. पंजाब में आम आदमी पार्टी (aam aadmi party) किसानों का साथ देकर और उनके सुर में सुर मिलकार बड़ी सफलता हासिल की है। जिसके कारण आज आप की सरकार काबिज है। लेकिन अब भगवंत मान सरकार में पहली बार किसानों पर लाठीचार्ज हुआ। पुलिस क द्वारा की गई इस लाठीचार्ज में कुछ किसान घायल भी हो गए हैं। जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। वजह इतनी थी कि वह कपास मुआवजे की मांग कर रहे थे। जिसको लेकर भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहां) की अगुआई में किसानों ने लंबी के नायब तहसीलदार समेत पटवारियों को बंधक बना लिया था। बस इी बात को लेकर पुलिस ने देर रात 12 बजे किसानों पर लाठीचार्ज कर उन्हें मुक्त कराया।

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अधिकारियों को रात 12 बजे तक बंधक बना कर रखा गया
दरअसल, अब पंजाब राजस्व अधिकारी संघ ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। आम जनता को सूचित करते हुए पंजाब राजस्व अधिकारियों ने आरोप लगाया कि नायब तहसीलदार और पटवारियों को लांगी जिला श्री मुक्तसर साहिब में किसान जत्थेबंदी द्वारा हिरासत में लिया गया है। किसान इन पर दबाव डाल रहे थे कि वह गलत काम करे। जब उनका विरोध किया तो उन्हें बंधक बना लिया। किसानों को रात 12 बजे तक बंधक बना कर रखा गया। बाद में पुलिस ने लाठीचार्ज कर कर्मचारियों को किसानों से मुक्त कराया। लाठीचार्ज में सात किसान भी घायल हो गए हैं। 

किसानों ने अधिकारियों व कर्मचारियों को बंधक बनाया
भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां गुट ने पूर्व सिंह प्रकाश सिंह बादल के विधानसभा क्षेत्र लंबी में नरमा फसल के मुआवजे को लेकर किसानों ने धरना दिया था। इसी बीच किसानों ने अधिकारियों व कर्मचारियों को बंधक बना लिया। उन्हें दफ्तर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। इस वजह से पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। 

राजस्व अधिकारीआज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
तहसीलदार व पटवारियों ने चेतावनी दी कि हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक कि सरकार उन दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करती जिन्होंने सरकारी कर्मचारियों को बंधक बनाया है। किसान संगठनों द्वारा उत्पीड़न की समस्या का कोई निश्चित समाधान निकलना चाहिए। क्योंकि इस तरह से काम करना मुश्किल हो रहा है। जब जिसका मन होता है, सरकारी कर्मचारियों को बंधक बना लिया जात है। 

क्यों पंजाब में काम करना हो रहा मुश्किल...
इस वक्त पंजाब में काम करना मुश्किल हो गया है। किसान मनमानी करते हैं। वह अधिकारियों व कर्मचारियों पर दबाव बनाते हैं। यदि उनकी बात नहीं मानी जाती तो वह बंधक बनाने जैसी कार्यवाही करते हैं। इसके साथ ही झूठी शिकायत देकर उन्हें परेशान भी किया जा रहा है। इस तरह के माहौल में काम करना खासा मुश्किल हो गया है। फील्ड में हर वक्त यह अंदेशा बना रहता है कि पता नहीं कहां उनके साथ क्या हो जाए।