जोधपुर के बासनी में एक निर्माणाधीन फैक्ट्री की छत ढह जाने से 8 मजदूरों की मौत हो गई। वहीं, कुछ घायल हैं। हादसा मंगलवार शाम को हुआ। फैक्ट्री का मलबा बुधवार तक नहीं हटाया जा सका है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 2-2 लाख रुपए की मदद का ऐलान किया है। वहीं, गंभीर घायलों को 40-40 हजार रुपए दिए जाएंगे। आर्थिक सहायता और बढ़ाई जा सकती है।

जोधपुर, राजस्थान. दीपावली से पहले दर्जभर मजदूरों के घरों में मातम पसर गया। मंगलवार शाम यहां के बासनी में बन रही एक फैक्ट्री की छत ढह जाने से 8 मजदूरों की मौत की खबर है। कई अन्य मजदूर घायल हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 2-2 लाख रुपए की मदद का ऐलान किया है। वहीं, गंभीर घायलों को 40-40 हजार रुपए दिए जाएंगे। आर्थिक सहायता और बढ़ाई जा सकती है। रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर नजर बनाए हुए है। JCB से मलब हटाया जा रहा है। राज्य सरकार ने संभागायुक्त समित शर्मा को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जिला कलक्टर ने बताया कि फैक्ट्री पर मैटेलिक छत डाली जा रही थी। इसमें लापरवाही सामने आई है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

मृतकों और घायलों की उम्र 20 से 28 साल
हादसे में अपनी जान गंवाने वाले 5 मजदूर बाडमेर से यहां आकर मजदूरी करते थे। वहीं, 2 मजदूर बांसवाड़ा के थे। एक मजदूर जोधपुर का था। मरने वालों में बाडमेर के मालाराम, जैसाराम, राजूराम, हरखाराम और रेवतराम शामिल हैं। वहीं, दीना और ईश्वर निनाम बांसवाड़ा, जबकि हीराराम जोधपुर का रहने वाला था। सभी मृतक एक ही परिवार के बताए जाते हैं। घायलों में दुलेश्वर, बादामीलाल और दिलीप राठौड़ बांसवाड़ा से हैं। जैसलमेर के मोटाराम, प्रतापगढ़ के बंशी रावत भी घायलों में है। मृतकों व घायलों की उम्र 20 से 28 साल के बीच है।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक
हादसे पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर शोक जताया। केंद्रीय मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत और सचिन पायलट ने भी शोक व्यक्त किया है। 

यह भी पढ़ें

पत्थर के नीचे महिला के दबे थे दोनों हाथ, लोगों ने देसी जुगाड़ से किया रेस्क्यू

बिजली कटौती ने जला दी दिमाग की बत्ती, देसी जुगाड़ से बाइक के जरिये निकाल लिया ट्यूबवेल से पानी