राजस्थान में पुजारी के द्वारा खुद को आग लगाकर आत्मदाह करने की कोशिश करने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद से वह 80% तक जला। सुसाइड नोट में लिखा कि मंदिर कमेटी का चेयरमैन परेशान कर रहा है, मेरी बहू के भी पीछे पड़ा।

अजमेर( ajmer). राजस्थान में पुजारियों पर हो रहे अत्याचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसा ही एक मामला अजमेर से सामने आया है। यहां एक मंदिर के पूर्व पुजारी ने खुद पर केरोसिन तेल डालकर आग (self immolation)लगा ली। गनीमत रही कि परिवार के लोग वहां पहुंच गए और उन्होंने आग बुझा दी। जिसके बाद घायल पुजारी को हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। पुलिस को पुजारी के पास से सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उसने मंदिर कमेटी के चेयरमैन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल गंज थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

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चैयरमैन की नीयत खराब, मारने की देता है धमकी
दरअसल अजमेर की ऋषि घाटी के पुजारी पंडित गोविंद नारायण यह आत्मदाह करने की कोशिश की है। उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा था कि मैं गोविंद नारायण मंदिर का पुजारी बोल रहा हूं। मुझे चेयरमैन परेशान कर रहा है और मंदिर खाली करने को कहता है। इसके साथ ही मेरे पोते को भी मारने की धमकी दी है। साथ ही मेरी बहू पर भी गंदी नजर रखता है।

कमेटी मेंबर ने पहले ही कर रखी है शिकायत
वही इधर इस मामले को लेकर मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने 8 अक्टूबर को ही अजमेर के पुलिस अधीक्षक चुनाराम जाट को शिकायत दे दी थी। मंदिर कमेटी के लोगों ने खुद पर लगाए गए आरोपों को झूठा बताया है। मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि मंगलवार को एक बैठक आयोजित हुई। इसमें पुजारी को भी बुलाया गया लेकिन वह आया ही नहीं। उसने पीछे से यह पूरी साजिश रची है। उन्हें किसी भी तरह से परेशान नहीं किया गया है। 

अब भले ही पुलिस जांच के बाद स्थिति साफ हो। लेकिन इस हादसे में पुजारी बुरी तरह से जल चुका है। शरीर की 80% से ज्यादा स्कीन पूरी तरह से गल चुकी है।

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