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राजस्थान में जल्द आ सकता है सियासी भूचाल, अजमेर में गुर्जर समाज ने गुर्जर नेताओं को ही दे दी चुनौती

मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले गुर्जर नेता अशोक चांदना के खिलाफ गुर्जर समाज के दिग्गज नेता किरोड़ी सिंह बैंसला की अस्थि विसर्जन में मौजूद भीड़ ने की हूटिंग। किसी भी लीडर को मंच से नहीं बोलने दिया। सीएम के बेटे वैभव गहलोत बीच कार्यक्रम से लौटे। वहां मौजूद लोग सचिन पायलेट जिंदाबाद के नारे लगाते रहे।

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First Published Sep 12, 2022, 9:09 PM IST

अजमेर. जिले में  सोमवार के दिन गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला की हस्तियों को विसर्जित करने का कार्यक्रम रखा गया । कार्यक्रम में देश प्रदेश के कई गुर्जर नेताओं को आमंत्रित करने के साथ ही हजारों की संख्या में गुर्जर समाज के लोगों को भी बुलाया गया।  अस्थि विसर्जन का यह कार्यक्रम देखते ही देखते सियासी कार्यक्रम में बदल गया।  गुर्जर नेताओं ने मंच से जब बोलना शुरू किया और एकजुटता की बातें की इस दौरान भीड़ ने गुर्जर नेताओं को आड़े हाथों लिया । सरकार के खास माने जाने वाले एवं पायलट गुट के भी नजदीक माने जाने वाले खेल मंत्री अशोक चांदना ने जब बोलना शुरू किया तो उनके खिलाफ इतनी हूटिंग की गई कि उन्हें अपना भाषण बीच में ही बंद करना पड़ा । उनके अलावा अन्य कई कांग्रेसी नेता मंच पर बैठे थे।  वह भी वहां से उठकर चले गए। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत भी वहां पहुंचे थे लेकिन भीड़ ने उनके खिलाफ हूटिंग और नारेबाजी कर दी तो उन्हें भी बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा।  इस कार्यक्रम का आयोजन करने वाले आयोजकों ने फिलहाल इस बारे में किसी तरह का कोई बयान जारी नहीं किया है।

पूरे प्रदेश में निकाली गई अस्थि विसर्जन यात्रा 
दरअसल किरोड़ी सिंह बैंसला गुर्जरों के अब तक के सबसे बड़े नेता माने जाते रहे हैं । बैंसला का पिछले दिनों लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था । तो उनके बेटे एवं गुर्जर समाज के नेताओं ने उनकी अस्थि कलश को पूरे प्रदेश में यात्रा कराई और उसके बाद अब अस्थियों को पुष्कर में भी विसर्जित किया गया । पुष्कर में विसर्जन से पहले आज पुष्कर में बड़ी जनसभा रखी गई । इस जनसभा का उद्देश्य गुर्जर नेताओं और गुर्जर समाज के लोगों को एक करना था।  हालांकि से अस्थि विसर्जन यात्रा कार्यक्रम नाम दिया गया था लेकिन यह कार्यक्रम सियासी होता चला गया । 
इसमें कांग्रेस और बीजेपी पार्टी से ताल्लुक रखने वाले कई बड़े नेताओं को बुलाया गया था । लेकिन उनमें से कई नहीं पहुंचे।  जो पहुंचे उन्हें जनता के विरोध का सामना करना पड़ा । 

समाज के नेता को ही बोलने का मौका नहीं दिया
अशोक चांदना गुर्जर नेता है उन्हें पहले सचिन पायलट के गुट से माना जाता था लेकिन वर्तमान में भी मुख्यमंत्री के करीबी हैं। अशोक चांदना ने गुर्जर समाज के लोगों को एकजुट करने के लिए भाषण देना शुरू किया लेकिन उनका भाषण नहीं सुना नहीं सुना गया। भीड़ में मौजूद हजारों की संख्या में मौजदू लोगों ने गुर्जर नेताओं के खिलाफ हूटिंग की। इसके साथ ही सचिन पायलट के पक्ष में नारेबाजी करते हुए माहौल को सियासी कर दिया और वहां मौजूद किसी भी नेता ने बोलने की कोशिश की तो उसे नहीं सुना गया।

ये लोग कार्यक्रम मे शामिल हुए
कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ , भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया,  भाजपा नेता वासुदेव देवनानी , ओम प्रकाश भडाना , वैभव गहलोत समेत कई लोग पहुंचे थे । सचिन पायलट को भी यहां आने का न्योता दिया गया था लेकिन वह अपने बिजी शेड्यूल के कारण यहां नहीं आ सके। 

नेता के बेटे ने कही ये बात
 उधर कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के बेटे विजय बैंसला का कहना है कि कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण था लेकिन अचानक भीड़ में कुछ लोगों ने कार्यक्रम को बिगाड़ने की कोशिश की । यह लोग कौन थे इस बारे में फिलहाल जानकारी नहीं है। उधर सतीश पूनिया भी जब गुर्जर समाज के लोगों को एकजुट करने का संदेश दे रहे थे तो उस दौरान भी सचिन पायलट जिंदाबाद के नारे लगे। अजमेर में हुए सियासी घमासान के बाद अब राजनीति का ऊंट किस करवट बैठेगा यह आने वाला वक्त तय करेगा । 

उल्लेखनीय है कि अशोक गहलोत को दिल्ली भेजने की चर्चाओं के बीच सचिन पायलट को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावनाएं प्रबल होती जा रही है।  कई बड़े विधायक और पार्टी से ताल्लुक रखने वाले कई बड़े नेता सचिन पायलट का खुलकर समर्थन कर चुके हैं।

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