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चित्तौडगढ़ के बाद अब बांरा जिले में बवाल, बाजार हुए बंद... छावनी में तब्दील इलाका

बारां में हुआ बवाल, चाकू से हमला किया व्यापारी पर, एसोसिएशन ने किया बंद का ऐलान, पुलिस पर लगाया इल्जाम की कानून व्यवस्था पर ध्यान नहीं देती। पैट्रोल पंप, बसें, दूध की डेयरी और दवा की दुकानों के अलावा सब कुछ बंद 

Baran district violence after chittodgarh markets closed routine life disturbed sca
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Baran, First Published Jun 2, 2022, 10:57 AM IST

जयपुर. चित्तौडगढ़ का बवाल अभी पूरी तरह से थमा भी नहीं कि दूसरे दिन अब बांरा शहर में बवाल हो गया। हालात इतने खराब हो कि कई इलाकों को पुलिस छावनी बना दिया गया है। इन इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात हैं।  पैट्रोल पंप, दूध की डेयरी बसें और दवा की दुकानों को छोड़कर सब कुछ बंद हैं। व्यापारिक संगठनों और हिंदु संगठनों के आह्वान पर अधिकतर बाजार आगामी आदेशों तक बंद कर दिए गए हैं। बांरा एसपी ने आसपास के जिलों से भी मदद मांगी है। 

शहर के धर्मादा चौराहे पर प्रदर्शनकारियों व पुलिस में हुई जमकर झड़प
आज सुबह  प्रदर्शनकारी सदर बाजार में जाने की मांग कर रहे थे जिस कारण पुलिस व उनके बीच झड़प हो गई। दरअसल पुलिस ने बैरिकेड लगाकर सदर बाजार व मांगरोल रोड ब्लॉक कर रखा था। दोनों पक्षों के बीच करीब 20 मिनट तक होती रही धक्का-मुक्की। प्रदर्शनकारी इसके बाद भी बेरिकेड्स को हटाकर सदर बाजार में निकल गए ।

चाकूबाजी के बाद हो गया था बवाल

दरअसल मामला बांरा जिले में जनता टॉकिज मार्केट में एक कपड़ा व्यापारी हरीश शर्मा व उसके मौसेरे भाई कोटा निवासी विनोद को घायल करने के कारण हुआ है। जहां उनकी दुकान में घुसकर समुदाय विशेष के लोगों ने धारदार हथियारों व लाठियों से दोनो भाइयों पर हमला कर दिया था। इससे दोनों घायल हो गए थे। पीड़ितों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। इससे पहले भी करीब सात दिन पूर्व हरीश के भाई मनोज शर्मा पर भी समुदाय विशेष के लोगों ने चाकू से हमला किया था। तब भी शहर का माहौल गर्मा गया था। उस समय भी पुलिस प्रशासन ने दिखावटी कार्यवाही करते हुए माहौल शांत करा दिया। लेकिन इस बार माहौल खराब होता दिख रहा है। इसी कारण पहले ही पुलिस ने अधिकतर इलाकों को छावनी में बदल दिया है। 

व्यापारिक संगठन देर रात तक बैठे रहे

व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने पिछली घटना को इतनी गंभीरता से नहीं लिया था लेकिन इस बार हुई वारदात के बाद वे देर रात तक इसके विरोध में प्रताप चौक पुलिस चौकी पर डटे रहे। बारां व्यापार महासंघ के अध्यक्ष ललितमोहन खंडेलवाल ने कहा कि शहर की कानून व्यवस्था में सुधार को लेकर पुलिस गंभीर नहीं है। इलाके विशेष में सरेआम अपराध हो रहे हैं। इन अपराधों में शामिल आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। ऐसे में शहर को बंद कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। दूसरी ओर बंद के समर्थन में भाजपा के दर्जनों पदाधिकारी व कार्यकर्ता सुबह से सड़कों पर उतर आए हैं।

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