राजस्थान के भरतपुर में फिर मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जहां जालिम परिवार ने कुछ घंटों पहले जन्में बच्चे को उसी हालत में पालना गृह में छोड़ आए। पिछली बार एक मासूम खेत में फसलों के बीच मिली थी, पर इस बार पालना गृह में छोड़ा गया।

भरतपुर. राजस्थान में नवजात बच्चों के लहूलुहान और घायल हालत में मिलने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसा ही एक मामला अभी भरतपुर के सेवर थाना इलाके में आया है। हालांकि इस बार परिजन नवजात को बालिका गृह के सामने छोड़ कर चले गए। लेकिन वह पूरी तरह से खून से सना हुआ था। पालना गृह में बच्चे को होते ही इसकी सूचना बाल कल्याण समिति को मिली। इसके बाद बाल कल्याण समिति ने बच्चे को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती करवाया है। कल्याण समिति के पदाधिकारियों के मुताबिक बच्चे का जन्म घंटों पहले ही हुआ था। 

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सुबह सुबह कोई पालने में रख गया 
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष गंगाराम पाराशर ने बताया कि सुबह करीब 5:30 बजे के लगभग सूचना मिली की पालना गृह में किसी बच्चे को छोड़ा गया है। ऐसे में स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचा और बच्चे को देखा तो वह एक लाल कपड़े में लिपटा हुआ था प्रोग्राम जिसके शरीर पर खूब सारे खून के धब्बे भी थे। ऐसे में माना जा सकता है कि बच्चे का जन्म कुछ घंटों पहले ही हुआ था। फिलहाल बच्चे की स्वास्थ्य हालत पूरी तरह से ठीक है। पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई । फिलहाल बच्चे का हॉस्पिटल में इलाज जारी है।

गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को भी बाड़मेर के ग्रामीण इलाके में एक खेत में नवजात बच्चा मिला था। जो बुरी तरह से गंभीर घायल था। उसके शरीर को कीड़े मकोड़ों नहीं बुरी तरह से नोच लिया था। जिसके बाद महिलाओं ने उसे देखा। वहीं से पहले चुरू जिले के सरदारशहर में भी एक नवजात बच्ची झाड़ियों में मिली थी। सबसे दुखद बात है कि इस तरह के केसों में बच्चें के वास्तविक परिवार उनको लेने नहीं आता है और मजबूरन फिर गोद लेने की प्रक्रिया करवानी पड़ती है।

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