राजस्थान में सियासी घमासान अभी सही से थमा भी नहीं है कि अब एक और नया बवाल सामने आ गया है। जहां कांग्रेस के जिला अध्यक्ष का ऑडियो वायरल हो रहै है जिसमें वे कह रहे है कि- सरकार का अभी एक साल बाकी, डरने की कोई जरूरत नहीं है, ज्यादा नाटक करे तो टैक्टर ठोक दो। जानिए क्या है पूरा मामला

भीलवाड़ा(bhilwara). राजस्थान में इस बार मानसून में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई। राजस्थान में बारिश के बाद अब बजरी और रेत खनन का व्यापार भी तेजी से बढ़ रहा है। इसी बीच माफिया भी पनपने लगे हैं। सत्ताधारी पार्टी के नेता खुद इन माफियाओं को सपोर्ट कर रहे हैं। जिनके दो ऑडियो जमकर वायरल हो रहे हैं। मामला राजस्थान के भीलवाड़ा जिले का है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

इस तरह की बातचीत के ऑडियो हुए लीक..
यहां के कांग्रेस के जिला महासचिव राजू जाट के पहले ऑडियो में वह कह रहे हैं कि मैं राजू जाट कांग्रेस का जिला महासचिव हूं। मैंने अभी कोई रॉयल्टी के ठेके की बात सुनी है। अभी तक मेरे पास कोई भी ठेके की सूचना नहीं है। कोई भी आपके गाड़ी लगाएं या फिर खनिज विभाग की धमकी दे तो मुझसे संपर्क करें। आप लोग बिंदास अपनी गाड़ी से जाएं और कोई ज्यादा करें तो उसके ट्रैक्टर ठोक दो जो होगा मैं देख लूंगा डरने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि टाइगर अभी जिंदा है।

जो होगा मैं देख लूंगा
वही दूसरे ऑडियो में राजू जाट ने कहा है कि ट्रैक्टर वाले अपना एसोसिएशन बनाकर ग्राम पंचायत में मीटिंग बुलवाएं। मैं खुद उस मीटिंग में आने को तैयार हूं। कांग्रेस को वोट दो और आप लोग फोकट में ट्रैक्टर चलाओ। जो भी होगा देख लेंगे। यह बैठ कर बात करेंगे तो अपन बैठ कर बात करेंगे बाकी कुछ नहीं चलने दो जो होगा वह देखा जाएगा।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दी सफाई, कही ये बात
इस पूरे मामले पर मंत्री रामलाल जाट के करीबी माने जाने वाले महासचिव राजू जाट का कहना है कि यह ऑडियो उनका नहीं है। किसी ने उन्हें बदनाम करने की कोशिश की है। उनका बजरी से कोई काम नहीं है। अब वह थाने में भी मामला दर्ज करवाएंगे। यह ऑडियो वायरल होने के बाद अब खनन विभाग भी हरकत में आए हैं। जिन्होंने भीलवाड़ा के कई इलाकों में अवैध खनन और बजरी परिवहन कर कार्रवाई करना भी शुरू कर दिया है।

राजस्थान में यह पहला मामला नहीं है जब बजरी परिवहन और अवैध खनन को लेकर कोई विरोध हुआ हो। इससे पहले भी राजस्थान में भरतपुर में अवैध खनन से परेशान होकर एक संत ने आत्मदाह कर लिया था। इस घटना का विरोध इतना बड़ा कि मुख्यमंत्री ने खुद इलाके में टीम बेचकर वहां अवैध खनन रुकवाया और माफियाओं को वहां से भगा दिया।

यह भी पढ़े- संत आंदोलन: आत्मदाह करने वाले बाबा की इलाज के दौरान मौत, 2017 में बने थे महंत, बरसाना में होगा अंतिम संस्कार