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ब्यूरोक्रेसी VS पॉलिटिक्स: अब पंचायती राज मंत्री ने कलेक्टर को निपटाया, गुनाह इतना कि स्पीच के समय पिक किया फो

राजस्थान में  एक बार फिर ब्यूरोक्रेसी और सरकार के बीच खटपट देखने को मिली। पंचायती राज्य मंत्री मुरारीलाल मीणा की स्पीच के दौरान कलेक्टर ने फोन उठाया तो भड़क गए मिनिस्टर दिखा दिया बाहर का रास्ता। जानिए किसलिए थी मीटिंग,जहां हुए ये वाकया।

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First Published Nov 21, 2022, 8:20 PM IST

बीकानेर (bikaner). राजस्थान के बीकानेर जिले में आज यानि सोमवार 21 नवबंर के दिन पंचायती राज विभाग का कार्यक्रम आयोजित किया गया था।  पंचायती राज विभाग से ताल्लुक रखने वाली सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और अन्य लोग पंचायती राज्य मंत्री मुरारी लाल मीणा को सुनने के लिए आए थे।  जिला स्तरीय कार्यक्रम में बोलते समय मंत्री मुरारी लाल मीणा ने जब देखा कि बीकानेर के कलेक्टर फोन पर बात कर रहे हैं तो उन्होंने अपना भाषण बीच में रोका और कलेक्टर को कहा... आप यहां से बाहर जाइए। उसके बाद उन्होंने यह भी कहा कि है, क्या तरीका है?  बाद में उन्होंने अपना भाषण जारी रखा।  इसी तरह कुछ दिन पहले चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा हेल्थ डिपार्टमेंट के एक सीनियर अफसर को भी भरी सभा में गेट आउट बोल चुके हैं। 

एसीआर भरने का मांग चुके है हक, सरकार ने नहीं दिया ध्यान
मंत्रियों और नेताओं का कहना है कि ब्यूरोक्रेसी हमेशा सरकार पर हावी रहती है। इसके चलते ही हाल ही में राजस्थान सरकार के कुछ मंत्रियों ने अफसरों की एसीआर भरने का हक भी मांगा था, लेकिन सरकार ने इस और ध्यान नहीं दिया।

आज यह सब हुआ था बीकानेर में ...
बीकानेर जिले में आज रविंद्र मंच पर पंचायती राज विभाग का सरकारी कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान मंत्री मुरारीलाल मीणा भाषण देने के लिए मंच पर आए थे। इस दौरान मंच पर बैठे बीकानेर के कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल के पास किसी का फोन आया। वे वहीं बैठे हुए फोन सुनने लगे तो मुरारी लाल मीणा गुस्सा हो गए। उन्होंने भाषण बीच में छोड़कर कलेक्टर को वहां से बाहर चले जाने के लिए कहा। बाद में जब कलेक्टर वहां से चले गए तो मंत्री ने सभा में मौजूद महिलाओं के सामने कहा कि हम सरकार की योजनाओं को बताने के लिए आए हैं। यहां कोई मजाक नहीं चल रहा था। हालांकि कुछ देर  बाद कलेक्टर को वापस बुला लिया गया।

मंत्री ने कहा कि मैं पहली बार ही से मुलाकात कर सका हूं। फिलहाल ज्यादा बातचीत नहीं हुई है। हम सरकार की योजनाओं को जनता के सामने रखने आए थे, ऐसे समय में इसे गंभीरता से लेना जरूरी था।.

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