राजस्थान के सीकर जिले से एक शख्स ने गजब दरियादिली दिखाई है। 90 वर्षीय बुजुर्ग किसान ने सरकारी अस्पताल बनने के लिए कम पड़ने पर अपनी 4 बीघा भूमि दान दे दी। पूरे जिले में उनकी जिंदादिली को लोग सलाम कर रहे हैं।

सीकर. राजस्थान के सीकर जिले के खंडेला के रहने वाले 90 वर्षीय बजुर्ग ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए अनूठी मिसाल पेश की है। सूरज सिंह धायल ने स्वास्थ्य केंद्र की क्रमोन्नति के लिए जमीन नहीं मिलने पर अपनी चार बीघा जमीन अस्पताल के नाम कर दी। बेटे विजयपाल की स्मृति में जमीन के कागज रविवार को स्थानीय विधायक महादेव सिंह खंडेला की मौजूदगी में बीसीएमएचओ डॉ. नरेश पारीक को सौंपे गए। जनहित में किए गए सूरज सिंह के इस दान की जिलेभर में चर्चा है।

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अस्पताल की क्रमोन्नति में बाधा थी जमीन की कमी
गांव में उपस्वास्थ्य केंद्र 1986 में खुला था। तब से वह क्रमोन्नत नहीं हुआ था। हाल में जब सूरज सिंह की पुत्रवधु व पंचायत समिति सदस्य श्रवणी धायल ने विधायक के सामने अस्पताल की क्रमोन्नति की मांग रखी तो मांग तो बजट में पूरी हो गई लेकिन सरकारी जमीन की कमी बड़ी समस्या बन गई। ऐसे में सूरज सिंह ने अपनी जमीन जन स्वास्थ्य के लिए दान में देने का फैसला कर लिया।

पहले स्कूल के नाम कर चुके हैं जमीन
इससे पहले भी सूरज सिंह धायल सरकारी स्कूल के लिए जमीन दान कर चुके हैं। कोटड़ी धायलान की सरकारी स्कूल में जमीन की कमी होने पर दो साल पहले उन्होंने एक बीघा जमीन बच्चों के खेल मैदान के लिए व 900 वर्ग फीट जमीन स्कूल के कमरों के लिए दान की थी।

1882 में हुई थी बेटे की मौत
सूरज सिंह धायल ने अस्पताल को जमीन बेटे विजयपाल की स्मृति में दी है। विजयपाल की 1982 में एक हादसे में मौत हो गई थी। जिनके नाम को अमर करने के लिए सूरज सिंह ने ये अनूठी पहल की है। बतादें कि सूरज सिंह गांव के सरपंच, उपप्रधान व जिला परिषद सदस्य भी हैं।