राजस्थान के अजमेर में स्थित पुष्कर में पिछले दिनों राजस्थान सरकार के मंत्री अशोक चांदना के भाषण के दौरान सचिन पायलट जिंदाबाद के नारे लगाते हुए चांदना की ओर फेंके गए जूतों के मामले में नया मोड आ गया है।

जयपुर. राजस्थान के अजमेर में स्थित पुष्कर में पिछले दिनों राजस्थान सरकार के मंत्री अशोक चांदना के भाषण के दौरान सचिन पायलट जिंदाबाद के नारे लगाते हुए चांदना की ओर फेंके गए जूतों के मामले में नया मोड आ गया है। चांदना और पायलट दोनों गुर्जर नेताओं के बाद अब नए गुर्जर नेता ने इस मामले की एंट्री हो गई है। इस मामले को लेकर सरकार के अफसरों से मिले हैं। ये गुर्जर नेता हैं विजय कुमार बैंसला। बैंसला के पिता किरोडी सिंह बैंसला की अस्थि विसर्जन सभा के दौरान ही वहां जूते चले थे और लगभग सभी नेताओं का बहिष्कार कर दिया गया था। इन नेताओं में बीजेपी और कांग्रेस के कई नेताओं समेत सीएम गहलोत के बेटे वैभव गहलोत भी शामिल थे। उनको भी सभा से उल्टे पैर लौटा दिया गया था। 

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विजय बैसंला ने की सरकार के अधिकारियों से मुलाकात
दरअसल, यह सभा अस्थि विसर्जन को लेकर रखी गई थी। इसमें अधिकतर जनता गुर्जर समाज से जुड़ी हुई थी। सभा के दौरान कुछ लोगों ने जूते फेंके थे। वीडियो वायरल होने पर अगले दिन स्थानीय पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। इनमें पांच युवा नामजद थे और बाकि अन्य लोग थे। इन युवाओं के बारे में अब विजय बैसला ने गृह विभाग के एसीएस अभय कुमार से सचिवालय में वार्ता की है और इन युवकों पर केस वापस लेने के लिए अर्जी दी है। उनका कहना है कि युवकों पर केस दर्ज होगा तो वे अपना भविष्य नहीं बना सकेंगे। हीन भावना पनपेगी।

अगर ऐसा होता है तो फिर वे अपराध की दुनिया में पहुंचा जाएंगे। अतः सरकार से निवेदन है कि वे केस वापस ले लेंवे। इस अर्जी पर अभय कुमार ने विजय बैंसला को उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया हैं । गौरतलब है कि इस जूता कांड के बाद सचिन पायलट गुट और अशोक चांदना गुट आमने सामने हो गया था। सोशल मीडिया पर दोनो पक्षों के लोग एक दूसरे पर कटाक्ष कर रहे हैं

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