महाराष्ट्र में सरकार तो नहीं बनी मगर इसी पूरी कवायद में चार गावों की किस्मत जरूर बदल गई। 

जयपुर। बिजली, पानी सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए भारत के तमाम गांव आज भी फरियाद करते रहते हैं मगर सरकार, प्रशासन तक उनकी बात नहीं पहुंचती है। और जब ऐसे गांवों को बिना-मांगे ये सब सुविधाएं मिल जाएं तो क्या कहेंगे। राजस्थान में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

दरअसल, महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद सरकार नहीं बन पाई। किसी पार्टी के पास बहुमत नहीं था। कुछ पार्टियों को अपने विधायकों के टूट जाने का खतरा भी था। कांग्रेस ने भी इसी डर की वजह से अपने विधायकों को राजस्थान के एक होटल में शिफ्ट कर दिया था। महाराष्ट्र में सरकार तो नहीं बनी मगर इसी पूरी कवायद में चार गावों की किस्मत जरूर बदल गई।

महाराष्ट्र कांग्रेस के विधायकों को जयपुर के एक पांच सितारा होटल में ठहराया गया था। ब्यून विस्ता नामा का ये होटल एक फ्रेंच राजनेता का है। ये होटल दिल्ली-जयपुर हाइवे से डेढ़ किलोमीटर अंदर है। यहां तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है। यहां के चार गांव रोजाना इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।

कैसे पलटी गांव की किस्मत?

होटल में विधायकों के आने के बाद इस रास्ते से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आना-जाना शुरू हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक खराब रास्ते की वजह से यहां से आने-जाने में मुख्यमंत्री महोदय को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। दूसरे दिग्गजों को भी होटल आने जाने में ऐसे ही परेशान होना पड़ रहा था। तत्काल पक्की सड़क के लिए फंड अप्रूव किया गया।

आनन-फानन में काम भी शुरू हो गया। कच्चे रास्ते के गड्ढे को भर दिया गया। एलईडी लाइट्स भी लगा दी गईं। माननीयों को यहां आने-जाने में धुल-धक्कड़ से परेशानी न उठानी पड़े इसके लिए पानी का छिड़काव भी किया जाने लगा। अब महाराष्ट्र में सरकार बने या न बने, मगर गांव वाले खुश जरूर होंगे कि चलो इस बहाने उनका रास्ता तो बन गया।