राजस्थान में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा की 3 दिसंबर के दिन एंट्री के पहले ही इसके विरोध की खबरें आने लगी हैं। इसने सीएम अशोक गहलोत की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जानिए क्या है पूरा मामला जिसके चलते हो रहा विरोध...

जयपुर (jaipur).कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा 3 दिसंबर को राजस्थान में प्रवेश करने जा रही है। प्रदेश में इंट्री से पहले ही इस यात्रा का भारी विरोध शुरू हो चुका है। कांग्रेस कमेटी के सदस्यों के साथ गुर्जर समाज और बेरोजगारों ने इसके विरोध की तैयारी शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि इन सब से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कैसे पार पा लेते हैं।

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इस वजह से पार्टी के ही नेता करेंगे विरोध
गौरतलब है कि कांग्रेस के पीसीसी सदस्य राकेश बोयत समेत करीब आधा दर्जन सदस्य पिछले लंबे समय से सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन यह मामला मल्लिकार्जुन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद ठंडे बस्ते में पहुंच गया है। लेकिन अब इन सदस्यों ने राहुल गांधी के राजस्थान आने पर वापस इस मांग को उठाने की तैयारी की है। बताया जा रहा है कि पार्टी के इस सदस्य सहित सचिन पायलट कहने के कई नेता राहुल गांधी के सामने सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की मांग करेंगे।

गुर्जर समाज इस मांग के पूरा नही होने के चलते कर रहे बायकॉट
वही गुर्जर समाज ने इस यात्रा की कड़े विरोध की चेतावनी दी है। बीते दिनों गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह बैंसला ने साफ चेतावनी दी थी कि जब तक उनकी बकाया मांगे पूरी नहीं की जाती वह इस यात्रा का पुरजोर विरोध करेंगे। राजस्थान में गुर्जरों की 75 विधानसभा है और किसी से भी यात्रा को नहीं गुजरने दिया जाएगा। यदि फिर भी यात्रा निकालना चाहते हैं तो उसे राजस्थान की बजाए दूसरे रूट से लेकर जाए।

बेरोजगार करेंगे सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन
वही सबसे कड़ा विरोध बेरोजगारों का होने वाला है। राजस्थान के बेरोजगारों ने गुजरात चुनाव के पहले वहां भी कई दिनों तक धरना दिया था। इसके बाद अब बेरोजगार संघ के उपेन यादव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता इस यात्रा का विरोध करने वाले हैं। सभी ने इसको लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी है।

इन विरोध की खबरों के बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इन सबसे निपटने के लिए लोकल इंटेलिजेंस को भी एक्टिव कर उनसे रिपोर्ट मांगी है।