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राजस्थान की जनता के लिए आई बुरी खबर, प्रदेश में फिर गहराया बिजली संकट, अघोषित कटौती कर सकती है सरकार

राजस्थान में करीब 2700 मेगावाट विद्युत उत्पादन हुआ बंद। जिसके चलते गांव में अघोषित बिजली कटौती की तैयारी कर रही है राज्य सरकार। प्रदेश में लगातार कोयले की आपूर्ति पूरी न हो पाना इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है।

Jaipur news state may again face electricity crises due to lack of coal availability asc
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First Published Sep 1, 2022, 6:41 PM IST

जयपुर. राजस्थान में एक बार फिर बिजली का संकट गहराता जा रहा है। बारिश से पहले जैसे तैसे कोयले की आपूर्ति कर बिजली इकाइयों से काम चलाया जा रहा था। कभी बिजली कटौती की जा रही थी तो कभी उद्योगों को कम बिजली दी जा रही थी। गर्मी का मौसम तो जैसे तैसे बीत गया लेकिन अब बारिश के बाद फिर से बिजली संकट गहराने की तैयारी हो चली है। इस कारण आने वाले दिनों में संभावना बनती नजर आ रही है कि सरकार गांव में अघोषित तौर पर बिजली कटौती शुरू कर दें। साथ ही दिवाली की सजावट के नाम पर होने वाली बिजली कटौती को भी जल्द ही शुरू किया जा सकता है। प्रदेश की 6 विद्युत इकाइयों फिलहाल बंद है ,इनमें से तीन को जल्द ही चालू करने की बात पिछले कई दिन से कही जा रही है।

2700 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा प्रभावित
राजस्थान में बनने वाली बिजली की कुल इकाइयों में से राजस्थान में बिजली बनाने वाली कुल इकाइयों में से 6 का या फिलहाल बंद है । तीन पहले से बंद थी और तीन अचानक 2 दिन पहले बंद हो चुकी है।  इन 6 इकाइयों से 2690 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता था । जो अब होना अचानक बंद हो गया है । बिजली विभाग के अफसरों ने बताया कि सूरतगढ़ की 3 इकाइयां बंद होने से करीब 1320 मेगावाट बिजली का उत्पादन फिलहाल नहीं हो रहा है । इसके साथ ही वहीं पर स्थित एक अन्य कई भी अचानक बंद हुई है।  जिससे करीब 250 मेगा वाट यूनिट बिजली बनती थी।  अब यह बिजली भी नहीं बन रही है ।
उधर बारां जिले के छबड़ा क्षेत्र में बिजली की युनिट बंद है । जिनसे 620 मेगा वाट बिजली बनती है।  वही कोटा जिले में स्थित एक इकाई भी बंद है जिससे 200 से ज्यादा मेगावाट बनती थी ।बिजली विभाग के अफसरों का दावा है कि इनमें से कुछ इकाइयों को आने वाले कुछ घंटों में सुचारू कर दिया जाएगा। लेकिन फिलहाल इस दिशा में काम होता नहीं दिख रहा है ।

जल्द शुरू हो सकती है कटौती 
बिजली की कमी के कारण इस बार दिवाली पर होने वाली सजावट के नाम पर की जाने वाली कटौती को जल्दी ही शुरू किया जा सकता है। दिवाली पर हर साल अतिरिक्त बिजली देने के लिए बिजली कटौती कर स्टोर की जाती है।  शहरों में करीब 2 घंटे और ग्रामीण इलाकों में करीब 3 घंटे की है। कटौती 7 से 10 दिन के लिए की जाती है। लेकिन संभावना जताई जा रही है कि इस बार यह कटौती अगले सप्ताह से ही शुरू की जा सकती है।  गांव में इसका समय करीब 5 घंटे तक किया जा सकता है। जबकि शहर में समय बढ़ाकर करीब 3 घंटे तक किया जा सकता है। बिजली विभाग के अफसरों का कहना है कि सब कुछ जल्द ही सही होने की पूरी उम्मीद है।

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