सार
राजस्थान में सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक की है। हैरान न होइए दरअसल यहां सरकार ने टेलीकॉम सर्जिकल स्ट्राइक की है, जिसके तहत फर्जी तरीके से लिए गए 7 लाख मोबाइल नंबरों को सरकार ने बंद कर दिया है। यह फैसला साइबर अपराधो और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया है।
जयपुर (jaipur). हमने सर्जिकल स्ट्राइक की हमेशा देश की सेनाओं की लड़ाई के बारे में ही सुनी है। लेकिन राजस्थान में पहली बार टेलीकॉम सर्जिकल स्ट्राइक हुई है। राजस्थान में दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम सर्जिकल स्ट्राइक की है प्रोग्राम इसके तहत राजस्थान में नए साल पर करीब सात लाख से ज्यादा नंबरों को बंद कर दिया है। डिपार्टमेंट ने यह निर्णय लगातार बढ़ते जा रहे साइबर अपराधों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए लिया है। इनमें वह सभी नंबर शामिल है जो फर्जी या गलत डॉक्यूमेंट से लिए गए थे। या फिर संदिग्ध माने जा रहे थे। साथ में कुछ नंबर ऐसे भी हैं जो लंबे समय से कनेक्टिविटी थे।
7 लाख मोबाइल नंबर किए गए बंद
वही एसओजी ने 12 हजार संदिग्ध मोबाइल की सिमों के मामले को लेकर एफआईआर भी दर्ज की है। इसके अलावा 58 हजार कनेक्शन है जोकि है तो राजस्थान के लेकिन दूसरे राज्यों में उपयोग किए जा रहे थे। उन्हें भी बंद किया है। आपको बता दें कि हाल ही में साइबर अपराधों के मामलों में सामने आया कि दूसरे राज्यों के गिरोह राजस्थान में ठगी करने का काम कर रहे हैं। डिपार्टमेंट ने करीब 58 हजार संदिग्ध मोबाइल नंबरों को ट्रेस करवा कर उन्हें भी बंद किया है। राजस्थान में साइबर ठगों के गिरोह सबसे ज्यादा भरतपुर के मेवात इलाके में एक्टिव है। फिलहाल अभी भी टेलीकॉम डिपार्टमेंट और एसओजी का अभियान जारी है जो हजारों नंबरों को और बंद करेगा।
12 हजार नंबर एक ही नाम से लिए गए
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा तो यह हुआ है कि करीब 12 हजार नंबर तो ऐसे हैं जिनमें ज्यादातर नंबर एक ही नाम से या फिर एक ही फोटो से लिए हुए हैं। वही मेवात इलाके की 57 हजार सिम बंद की गई है। राजस्थान में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के निर्देश पर करीब 10 हजार ऐसे नंबर बंद किए गए हैं। जिन पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी जैसे कंटेंट सर्च किए गए थे।