शनिवार को जिस नमक कारोबारी का मर्डर हुआ था, उस पर दर्ज थे 11 केस। बिजनेसमैन होने के साथ भाजपा का स्थानीय नेता था शनिवार दोपहर हुए मर्डर के बाद से अब शव रखकर प्रदर्शन जारी।

जयपुर. राजस्थान की गहलोत सरकार इन दिनों एक मामले से निपटती नहीं है कि दूसरा मामला गले आ पडता है। दो महीनों से यह सिलसिला जारी है। कभी दंगे गले पड़ते हैं तो कभी कोई और घटना सामने आ जाती है। लगातार बढ़ रहे अपराधों को लेकर भाजपा गहलोत सरकार को टारगेट कर रही है। सरकार ने जैसे तैसे संकल्प शिविर को शांति पूर्वक निपटाया है कि इस बीच अब नागौर में एक गैंगस्टर कम नमक कारोबारी कम भाजपा नेता की हत्या का मामला गले आ पड़ा है। शनिवार दिन दहाडे़ नागौर के नावां में उसकी हत्या कर दी गई थी। लेकिन हत्याकांड के बाद अब शव रखकर प्रदर्शन जारी है। परिवार के लोगों के साथ ही आरएलपी से सांसद हनुमान बेनीवाल और भाजपा के दिग्गज नेता आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। दरअसल एफआईआर में गहलोत सरकार के बेहद करीबी नेता का नाम शामिल है।

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यह है पूरा मामला

दरअसल नागौर के नावां में शनिवार दोपहर भाजपा के स्थानीय नेता और नमक कारोबारी और गैंगस्टर जयपाल पूनिया की बीच सड़क गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस गैंगवार के बाद परिजनों ने सरकारी उप मुख्य सचेतक महेन्द्र चौधरी के समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का नामजद केस दर्ज कराया था। घर वालों ने शव का अंतिम संस्कार को कातिलों के पकडे़ जाने तक के लिए टाल दिया है, उन्होने कहा कि जब तक सरकार सभी हत्यारों को पकड़ नहीं लेती तब तक वह कोई भी क्रिया नही करेंगे। शव को मुर्दाघर में रखवाया गया है। इधर इस हत्याकांड में चौधरी का नाम आने के बाद उनका कहना है कि वे हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। चौधरी सीएम गहलोत के बेहद करीबी माने जाते हैं।

पूनिया और बेनीवाल ने सरकार को घेरा, भाजपा बैनर तले प्रदर्शन जारी

इस गैंगवार के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया है। पूनिया ने कहा कि गहलोत सरकार में कोई भी सुरक्षित नहीं है। उधर सांसद बेनीवाल का कहना है कि जब तक परिवार को पचास लाख रुपए, सरकारी नौकरी, सीबीआई जांच की मांग सरकार नहीं मानती तब तक शव को किसी को भी हाथ लगाने नहीं दिया जाएगा।

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