बाइक रेसर अस्बाक की मौत के राज से पर्दा आखिर कार उठ गया पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि मृतक की पत्नी ही आरोपी। आरोपी को पकड़ने में लगे चार साल। 

जैसलमेर. साल 2018 में जैसलमेर शहर में आयोजित इंडिया बाइक रैली में हिस्सा लेने बेंगलुरु से आए इंटरनेशनल बाइक रेसर अस्बाक मौन की हत्या के आरोप में फरार चल रही पत्नी सुमेरा परवेज को साइबर सेल के सहयोग से बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया है। पूर्व में इस मामले में आरोपी दो दोस्तों संजय कुमार और विश्वास एसडी निवासी बेंगलुरु को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

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क्या था मामला
जैसलमेर एसपी भंवर सिंह नाथावत ने बताया कि मूलतः केरला हाल बेंगलुरु निवासी सुमेरा परवेज ने 18 अगस्त 2018 को थाना शाहगढ़ में एक रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें बताया की जैसलमेर में आयोजित बाइक रैली में हिस्सा लेने उसके पति अस्बाक मौन अपने दोस्तों संजय कुमार, विश्वास और अब्दुल साबिर के साथ जैसलमेर आया था। 16 अगस्त को रेतीले धोरों में प्रैक्टिस के लिए गये अस्बाक की मौत रेगिस्तान में रास्ता भटकने और भूख प्यास से हो गई है। रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई।

मां को बेटे के एक्सीडेंट पर हुआ शक
दूसरी ओर मृतक अस्बाक मौन की मां और भाई ने दुर्घटना में मौत होने पर शक जता एक परिवाद पेश किया। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर ने अस्बाक की मौत गर्दन पर वार करने से होना बताया। पुलिस ने जब बारीकी से जांच की तो मामला मर्डर का पाया गया। घटना के 3 साल बाद 2021 में पुलिस ने वारदात का खुलासा कर मृतक दो दोस्तों संजय कुमार और विश्वास एसडी को गिरफ्तार कर लिया। पर मृतक की पत्नी फरार हो गई।
 मृतक की पत्नी सुमेरा परवेज और अब्दुल साबिर के विरुद्ध कोर्ट में 299 सीआरपीसी के तहत आरोप पत्र पेश किया गया। जिनकी तलाश में कई बार टीम भिजवाई गई मगर सफलता नहीं मिली।

 घटना को गंभीरता से लेते हुए एसपी भंवर सिंह द्वारा नई टीम का गठन कर साइबर सेल प्रभारी भीमराव सिंह को स्पेशल इंसट्रक्शन देकर बेंगलुरु रवाना किया। जिन्होंने अपने साइबर कौशल के आधार पर 13 मई को बेंगलुरु से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जिसे कोट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। पुलिस की आरोपी से पूछताछ की जा रही है।