हाथ पर माता-पिता के लिए इमोशनल बातें लिख 2 बहनों का इकलौता भाई फंदे पर लटका, सदमे में दादा ने खोए होश

| Dec 03 2022, 09:29 AM IST

हाथ पर माता-पिता के लिए इमोशनल बातें लिख 2 बहनों का इकलौता भाई फंदे पर लटका, सदमे में दादा ने खोए होश

सार

राजस्थान के झुंझुनूं जिले से शॉकिंग मामला सामने आया है। यहां दो बहनों के इकलौते भाई ने अपने हाथों में सुसाइड नोट लिख फंदे से लटक अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। नोट में हाथ पर लिखा पापा मम्मी आई लव यू... मैं पागल हो जाता। मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी पुलिस।

झुंझुनू (jhunjhunu). राजस्थान के झुंझुनू शहर में रहने वाले 16 साल के कृष्ण कुमार ने देर रात हॉस्टल कैंपस में लगे हुए एक पेड़ से लटककर जान दे दी । आज सवेरे जब उसके साथी  उसे तलाशते हुए कैंपस के पास पहुंचे तो उसका शव पेड़ पर लटका देखकर सभी दहल गए।  उसके साथ पढ़ने वाले साथियों की चीख तक नहीं निकल सकी।  कृष्ण कुमार 12वी साइंस का छात्र था और कल शाम अपने 5 साथियों के साथ लेट नाईट तक पढ़ाई कर रहा था।  उसके बाद वह सभी लोग कमरे में सोने चले गए ।

कुछ देर बाद उठकर आया और लगा ली फांसी
कृष्ण कुमार कुछ देर के बाद उठ कर आया और फंदे पर लटक कर उसने जान दे दी।  उसने अपने हाथ पर मम्मी और पापा के लिए प्यार लिखा है। साथ ही यह भी लिखा है कि मैं पागल हो जाता....। हाथ में लिखे शब्दों के अलावा सुसाइड नोट या किसी अन्य तरह का दस्तावेज फिलहाल पुलिस को नहीं मिल सका है। पुलिस ने बताया कि फिलहाल सुसाइड का कोई भी कारण सामने नहीं आया है। संभवत पढ़ाई का तनाव होने के चलते ही कृष्ण कुमार ने इस तरह का खौफनाक कदम उठाया हो। उसके साथ रहने वाले दोस्तों से भी इस बारे में पूछताछ की जा रही है।

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घर में मचा कोहराम, फूट फूट कर रो रहे परिजन
उधर दोपहर बाद जब कृष्ण कुमार का शव उसके पिता और दादा गांव लेकर गए तो गांव में कोहराम मच गया । दोनों छोटी बहन और मां शव से लिपटकर घंटों फूट-फूटकर रोती रही। पूरा गांव कृष्ण कुमार के घर में जमा हो गया। परिवार के लोगों का कहना था कि कृष्ण पढ़ने में होशियार था, उसने यह कदम क्यों उठाया इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है।

पोते की बॉडी देख दादा ने खोए होश, मुंह से आवाज तक नहीं निकल रही
झुंझुनू शहर की चिड़ावा पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है । पुलिस ने बताया कि कृष्ण का गांव चिड़ावा से करीब 25 किलोमीटर दूर था।  वह चिड़ावा में एक निजी स्कूल में 12वीं का छात्र था। उसके पिता किसान हैं और दादा भी घर में ही रहते हैं। उसके दो छोटी बहनें हैं। कृष्ण के पिता सुरेंद्र और दादा कुरडाराम को जब हॉस्टल आकर इस चीज का पता चला कि अब उनका बेटा नहीं रहा तो वे दोनों बेहोश हो गए। जवान पोते को को इस तरह से मृत्यु शैया पर देखकर दादा की आवाज तक नहीं निकली।

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