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राजस्थान में पेट्रोल-डीजल महंगें हुए, राज्य सरकार ने वैट चार प्रतिशत तक बढ़ाया

राजस्थान सरकार ने रविवार से राज्य में पेट्रोल, डीजल पर मूल्य वर्धित कर यानी वैट चार प्रतिशत बढ़ा दिया है इस वृद्धि से राज्य में अब पैट्रोल, डीजल महंगें हो गये

Petrol and diesel prices rise in Rajasthan state government increases VAT by four percent kpm
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New Delhi, First Published Mar 22, 2020, 3:07 PM IST
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जयपुर: राजस्थान सरकार ने रविवार से राज्य में पेट्रोल, डीजल पर मूल्य वर्धित कर यानी वैट चार प्रतिशत बढ़ा दिया है। इस वृद्धि से राज्य में अब पैट्रोल, डीजल महंगें हो गये।

राज्य सरकार ने शनिवार देर रात पेट्रोल पर वैट 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 34 प्रतिशत और डीजल पर वैट 22 प्रतिशत से बढ़ाकर 26 प्रतिशत करने के आदेश जारी किये। वैट की कीमतों में वृद्धि से जयपुर में पैट्रोल अब 75.57 रुपये प्रति लीटर और डीजल 69.26 रुपये प्रतिलीटर हो गया।

वैट दर में चार प्रतिशत की वृद्धि 

राज्य सरकार ने इससे पूर्व पिछले वर्ष जुलाई में भी वैट दर में चार प्रतिशत की वृद्धि की थी। राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स ऐसोशिएशन के अध्यक्ष सुनीत बगई ने कहा कि वैट की कीमतों में हुई वृद्धि से पेट्रोल पंप डीलरों पर और बुरा प्रभाव पडेगा। बगई ने कहा कि वैट की कीमतों में वृद्धि से पडौसी राज्यों की सीमाओं से सटे पेट्रोल और डीजल पम्प बंद होने की कगार पर पहुंच जायेंगे। इनमें पेट्रोल और डीजल की मांग कम होगी।

उन्होंने कहा कि यदि पडौसी राज्यों से पैट्रोल और डीजल की कीमतों का मूल्याकंन किया जाये तो राज्य में पैट्रोल और डीजल 5 से 10 रूपये तक महंगें हो गये हैं।

राजस्व में हो रहा है नुकसान 

उन्होंने कहा कि बिक्री कम होने से राजस्व में नुकसान हो रहा है और आम आदमी पर बोझ डालना समझदारी नहीं है। सरकार को ईंधन पर वैट वृद्धि की बजाय अन्य स्रोतों से आय अर्जित करने पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।

उन्होंने पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार के पेट्रोल और डीजल के वैट को चार प्रतिशत कम करने के निर्णय को उचित कदम बताया। उन्होंने कहा कि इसके बाद राज्य की कांग्रेस सरकार ने इसे बदल कर 6 जुलाई को अधिसूचना जारी कर पेट्रोल पर वैट 26 प्रतिशत से 30 प्रतिशत और डीजल पर 18 प्रतिशत से 22 प्रतिशत कर दिया था। अब इसमें चार प्रतिशत की और वृद्धि कर दी गई है जिससे उपभोक्ताओं पर बोझ और बढ़ गया है।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(फाइल फोटो)

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