जयपुर की जनता को जल्द ही सिग्नल फ्री रोड मिल मिल सकेगी । जिसके निर्माण का काम पिंक सिटी में चल रहा है अपने पहले प्रोजेक्ट में सात चौराहों को सिग्नल फ्री करने का काम किया जा रहा है।

जयपुर. शहर की जनता को ट्रैफिक की मार और गाड़ियों के होने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए शहर में चल रहे राजस्थान के पहले सिग्नल फ्री सड़क प्रोजेक्ट और सिविल लाइंस आरओबी के निर्माण कार्य चल रहा है। जिसके काम का जायजा लेने के लिए जयपुर जेडीए के नए आयुक्त रवि जैन ने शनिवार को मौके पर पहुंचे। जेडीसी रवि जैन ने अपने दौरे की शुरुआत बी-2 बाईपास पर चल रहे सिग्नल फ्री प्रोजेक्ट के कामकाज को देखकर की। इसके बाद जेडीए ने 7 चौराहों ओटीएस सर्किल, जवाहर सर्किल,लक्ष्मी मंदिर सर्किल प्रोजेक्ट के साथ सिविल लाइंस आरओबी के निर्माण के कार्य को भी देखा। उन्होने इंजीनियरों और अधिकारियों को कामकाज में तेजी लाने के साथ साथ काम को गुणवत्ता के साथ पूरा करने को कहा।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

आर्किटेक्ट को सर्वे के लिए दिये करोड़ों की फीस
जिन सात चौराहों पर सिग्नल फ्री करने का काम किया जा रहा है उन चौराहों पर यातायात का खासा दबाव तो रहता ही है. साथ ही इन सड़कों पर हादसें भी काफी होते हैं. ऐसे में जयपुर जेडीए ने इन सभी 7 चौराहों को लेकर एक आर्किटेक्ट फर्म को टेंडर जारी किया है। इसके जरिए फर्म के द्वारा विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जेडीए को दी जाएगी. इसके बाद इन चौराहों को ट्रैफिक लाइट फ्री बनाया जाएगा। जेडीए आयुक्त ने बताया कि आर्किटेक्ट फर्म को नियुक्त कर दिया गया है. जो उसकी रिपोर्ट उसी के 
अनुसार काम करवाएंगे और जयपुर शहर की सड़कें सिग्नल फ्री बनाने का काम पूरा करेंगे. गोयल ने बताया कि सर्वे और कंसलटेंसी पर जेडीए 4.5 करोड़ की राशि खर्च करने का अनुमान बता रहा है।

वे 7 चौराहे जो होंगे सिग्नल फ्री
राजधानी के ये 7 चौराहे – जेडीए सर्कल, रामबाग सर्कल, चौमू हाउस सर्कल ओटीएस सर्कल, जवाहर सर्कल, बीटू बाइपास सर्कल, लक्ष्मीमंदिर तिराहा ये सात चौराहे है जिनको सिग्नल फ्री करने का काम चल रहा है साथ ही सिविल लाइन आरओबी का भी काम चल रहा है।

विदेशी मॉडल के आधार पर बनेगी सड़के
 ट्रैफिक फ्री रोड के सिंसियर आर्किटेक्ट के सीएमडी अनूप बरतरिया ने बताया हमने दुनिया के कुछ शहरों की स्टडी की है,खासतौर पर बार्सिलोना और लंदन की। जयपुर की दुनिया के नक्शे में टूरिज्म में पहचान है। ऐसे में हमारी मंशा है सैलानी चारदीवारी के बाहर भी शहर को देखें। इसलिए सड़कों इस तर्ज पर बनाया जाएगा कि सैलानी और आकर्षित हो।