जोधपुर में उपद्रवियों ने हिंसा भड़काने का प्रयास किया लेकिन पुलिस की सूझबूझ से मामला शांत  हुआ। पर अब वहां राजनीति शुरू होने के आसार लग रहे हैं। 

जयपुर.जोधपुर में हुए बवाल के बाद हालात अब पुलिस के काबू में है। प्रभावित इलाकों में चप्पे चप्पे पर पुलिस है। अघोषित तौर पर धारा 144 जैसे हालात है। बाजारों में किसी को भी पुलिस ठहरने नहीं दे रही है और भीड़ जमा होने नहीं दे ही है। लेकिन इस बीच अब राजनीतिक रोटियां सेकने का काम शुरु हो गया है। जोधपुर से बड़े नेता व केन्द्रीय मंत्री और भाजपा के सांसद गजेन्द्र सिंह उपद्रव के बाद जालोरी गेट क्षेत्र के नजदीक अपने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। 

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धरने पर बैठने की कोशिश फिर खुद उठकर चले गए
पहले रात और फिर सवेरे जो बवाल हुआ उस वक्त तक कोई भी नेता मौके पर नहीं पहुंचा। लेकिन जैसे ही मामला शांत हुआ और पुलिस ने स्थिति पर पूरी तरह से काबू कर लिया तो नेता अपना काम साधने के लिए घटना वाली जगह पर पहुंचने लगे है। सबसे पहले आए जोधपुर के स्थानीय नेता और सांसद गजेन्द्र सिंह शेखावत। जालोरी गेट के पास वे अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। उनका विचार था कि वे धरने पर बैठें। कुछ देर बैठे भी लेकिन बाद में उठकर रवाना हो गए। समर्थक भी कुछ देर उनके साथ वहीं बैठे फिर जैसे ही सांसद उठे उनके पीछे वे भी उठकर चल दिए। उसके बाद शेखावत अपने समर्थकों के साथ आसपास के क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे। 

जयपुर से रवाना हुआ पुलिस अफसर, सीसीटीवी फुटेज से खोजे जा रहे उपद्रवी
इस बीच जयपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में भी इस घटना को लेकर अफसरों में मीटिंग हुई। इस मीटिंग के बाद कुछ सीनियर आईपीएस जयपुर से रवाना हो गए। वे दोपहर तक जोधपुर पहुंचे और उसके बाद स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय पुलिस के साथ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया । स्थानीय पुलिस को निर्देश दिए गए कि सीसीटीवी फुटेज देखकर उपद्रवियों की पहचान करें और उनको जल्दी से जल्दी पकड़े।

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