कोरोना मरीजों का इलाज डॉक्टर पूरी सावधानी रखते हुए इलाज कर रहे हैं। लेकिन राजस्थान में मेडिकल टीम की लापरवाही का मामला सामने आया है। जहां एक संदिग्ध का सैंपल लेते समय स्टिक टूटकर नाक में जा फंसी। 

जालोर(राजस्थान). कोरोना मरीजों का इलाज डॉक्टर पूरी सावधानी रखते हुए कर रहे हैं। लेकिन राजस्थान में मेडिकल टीम की लापरवाही का मामला सामने आया है। जहां एक कोरोना संदिग्ध का सैंपल लेते समय स्टिक टूटकर नाक में जा फंसी।

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करीब 6 घंटे स्टिक नाक में फंसी रही
दरअसल, यह घटना सायला क्षेत्र में गुरुवार देखने को मिली। जब युवक के नाक से स्वाब लेते समय वीटीएम (वायरस कलेक्शन स्वाब) किट की स्टिक टूटकर नाक में फंस गई। यह स्टिक छह घंटे तक फंसी रही। इसके बाद संदिग्ध को सामुदायिक केंद्र लाया गया, लेकिन यहां भी वह नहीं निकल सकी। फिर आनन-फानन में पीड़ित को जिला अस्पताल जालोर ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने काफी मशक्कत के बाद स्टिक को बाहर निकाल दिया।

प्रदेश का पहला मामला
लापरवाही की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल लेने वाले लैब टेक्नीशियन प्रमोद कुमार शर्मा को हटा दिया है। वहीं मामले पर विभाग के सीनियर डॉक्टर ने कहा-जिले में करीब अब तक 15 हजार लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं, लेकिन स्टिक टूटने की यह घटना जिले में ही नहीं बल्कि प्रदेश की पहली घटना है। 

अधिकारियों ने दी अलग-अलग सफाई
सायला के पीएचसी प्रभारी डॉ. दूदाराम का कहना है कि टीम सही तरह से सैंपल ले रही थी। लेकिन , युवक की नाक में टेढ़ापन था, इसलिए यह स्टिक टूट गई। वहीं बीमओ रघुनंदन विश्नोई, ने कहा कि यह लापरवाही का मामला है, सूचना मिलते ही हमने लैब टेक्नीशियन को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।