राजस्थान की राजनीति में इस वक्त भूचाल आया हुआ है। केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर पहुंचे अजय माकन और मल्लिकार्जुन खडगे की बैठक में अशोक गहलोत गुट के विधायकों ने अनुशासनहीनता दिखाई।

जयपुर. राजस्थान में चल रही सियासी उठापटक के बीच अब दिल्ली से आए पर्यवेक्षक अजय माकन और मल्लिकार्जुन खडगे दिल्ली पहुंचकर सोनिया गांधी के सामने राजस्थान का पूरा घटनाक्रम रखने वाले हैं। दिल्ली से जल्द ही सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलेट के लिए भी बुलावा आने को हैं । लेकिन दिल्ली जाने से पहले अजय माकन ने आज मीडिया के सामने जो बयान दिया वह बेहद चौकाने वाले है। इस बयान से सीएम अशोक गहलोत को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। 

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माकन बोले- विघायकों का बैठक में नहीं आना अनुशासनहीनता
अजय माकन ने आज मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि राजस्थान में जो कुछ हुआ वह सही नहीं हुआ, गहलोत कैंप के विधायकों ने अनुशासनहीनता की है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और इसे आलाकमान को सौंपा जाएगा। सीनियर नेताओं की मानें तो अशोक गहलोत और उनके समर्थकों को बड़ी परेशानी उठानी पड सकती है। इस बीच मीडिया में चर्चा है कि चार से पांच सीनियर नेताओं पर भी गाज गिर सकती हैं। 

इन नेताओं ने थामी है बगावत की कमान राजस्थान में.... गाज गिर सकती है
रविवार शाम हुए अचानक बगावती घटनाक्रम को लीड करने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त एक्शन आलाकमान ले सकता है। इन नेताओं में यूडीएच मिनिस्टर शांति धारीवाल, पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर महेश जोशी, मंत्री प्रताप सिंह समेत दो अन्य नेता बताए जा रहे हैं। इन नेताओं ने ही कल शाम से देर रात तक मीडिया में बगावती बयान दिए। गहलोत भी इन नेताओं के सुर में सुर मिलाते दिखे और उन्होनें इस स्थिति में खुद को असहज होना बताया था। अजय माकन और खडगे देर रात एक बजे तक बैठक के लिए बैठे रहे। लेकिन विधायक नहीं आए। उसके बाद एक एक विधायक से बात करने का एजेंडा रखा गया लेकिन विधायकों ने यह भी नहीं मानी। आज दोपहर में दिल्ली पहुंचने से पहले माकन और खडगे ने एक बार फिर से विधायकों से बातचीत करने की कोशिश की लेकिन वे तैयार नहीं हुए। बताया जा रहा है कि अब सोनिया गांधी की ओर से सख्त फैसला लिया जा सकता है।


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