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राजस्थान की गलियों में फिल्मी नजाराः भतीजे को बचाने के लिए चाचा बन गए हीरो

राजस्थान में हिस्ट्रीशीटर ने मामूली सी बात पर सरपंच के पोते का अपहरण कर लिया। फिर 20 लाख रुपए की मांगी फिरौती। 60 किलोमीटर के दायरे में ढाई घंटे तक चले फिल्मी सीन में चाचा ने अपनी गाड़ी से पीछा कर आरोपियों को पकड़ा। वहां मौजूद लोगों ने बदमाशों को सिखाया सबक।

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First Published Sep 9, 2022, 1:32 PM IST

सीकर. राजस्थान के सीकर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां लोसल इलाके के एक हिस्ट्रीशीटर ने महिला सरपंच के पोते का अपहरण कर लिया। दरअसल महिला सरपंच के पोते ने हिस्ट्रीशीटर को पेट्रोल पंप पर पेट्रोल पंप कर्मचारियों से झगड़ा करने की बात पर रोका था। इस बात से हिस्ट्रीशीटर इतना नाराज हुआ कि उसने युवक का किडनैप कर लिया और उसे अपनी गाड़ी में डालकर सीकर की तरफ ले आया।  हालांकि इसी बीच सरपंच के पोते के दोस्त ने यह सूचना पुलिस को दी। ऐसे में पुलिस और पीड़ित के परिजनों ने भी बदमाशों का पीछा करना शुरू कर दिया। करीब ढाई घंटे बाद लोसल में पुलिस थाने के बाहर जब परिजनों ने बदमाशों की गाड़ी को टक्कर मार दी तो बदमाशों की गाड़ी का टायर फट गया। जिसके बाद परिजनों और पुलिस ने पीड़ित को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया।

पैसे देने को समझाना पोते को पड़ा भारी
सीकर इलाके का हिस्ट्रीशीटर हरिसिंह कल यानि गुरुवार 8 सितंबर को अपने दोस्त दीपक और अंकित के साथ नागौर की तरफ से जा रहा था। इसी दौरान वह  नागौर जिले में एक स्टेट हाईवे पर पेट्रोल पंप पर पेट्रोल डलवा रहा था। यहां हिस्ट्रीशीटर ने पेट्रोल तो डलवा लिया लेकिन जब कर्मचारियों ने पैसे मांगे तो उसने पैसे देने से मना कर दिया। ऐसे में दोनों के बीच कहासुनी हुई और दोनों एक दूसरे को मारने के लिए उतारू हो गए। ऐसे में वहां मौजूद पास ही के गांव की सरपंच रामेश्वरी देवी के पोते हरिप्रसाद ने हिस्ट्रीशीटर हरि सिंह को झगड़ा न करने की बात कही। ऐसे में हरि सिंह आग बबूला हो गया। जिसने अपने दोनों साथियों की मदद से हरिप्रसाद को गाड़ी की डिक्की में डाल लिया और तेज रफ्तार में गाड़ी सीकर की तरफ दौड़ा दी।

दोस्त ने दी घरवालों को जानकारी
पेट्रोल पंप पर ही खड़े हरिप्रसाद के एक दोस्त ने यह बात पुलिस और हरिप्रसाद के परिजनों को बताई। ऐसे में हरी प्रसाद के चाचा मोहन सिंह भी अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी लेकर बदमाशों का पीछा करने लगे। जिसके बाद 60 किलोमीटर में उन्होंने बदमाशों की गाड़ी रुकवाने के लिए अपनी गाड़ी 15 बार बदमाशों की गाड़ी से टकराई। लेकिन हर बार बदमाश भाग निकले। गाड़ी चलाने के दौरान ही मोहन सिंह ने जब अपने भतीजे हरिप्रसाद से बात करनी चाही तो बदमाशों ने कहा कि यदि वह हरिप्रसाद को जिंदा देखना चाहते हैं तो 2000000 रुपए की व्यवस्था कर ले। हरिप्रसाद के किडनैप होने के करीब ढाई घंटे बाद जैसे ही हिस्ट्रीशीटर की गाड़ी की स्पीड लोसल थाने के सामने कम हुई। तो मोहन सिंह ने अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी बदमाश की गाड़ी से टकरा दी। जिससे कि हिस्ट्रीशीटर की गाड़ी का टायर फट गया।

मौके पर मौजूद लोगों लोगों ने सिखाया सबक
जैसे ही लोसल थाने के बाहर बदमाशों को परिजनों और वहां मौजूद लोगों ने पकड़ा तो बदमाशों के साथ मारपीट करना शुरू कर दी। ऐसे में मौके पर मौजूद लोसल पुलिस और नागौर की कुचामन पुलिस ने मामला शांत करवाया। जिसके बाद तीनों आरोपियों हिस्ट्रीशीटर हरि सिंह और उसके दोनों साथी अंकित और दीपक को नागौर के कुचामन पुलिस अपने साथ ले गई। साथ ही उनकी स्विफ्ट गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया है।

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