राजस्थान के बांसवाड़ा से पुलिस और जेल प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जहां तीन खतरनाक कैदी जेल की दीवार कूदकर भागने में कामयाब हो गए। उन्होंने 22 फीट की ऊंची दीवार और चार फीट की करंट वाली वॉल को भी क्रास कर लिया। इतना सब होने के बाद भी पुलिस को भनक तक नहीं लगी।


जयपुर. राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जिला जेल से तीन कैदी फरार हो गए। तीनों पर रेप, गंभीर मारपीट समेत अन्य कई धाराओं में केस दर्ज थे। बड़ी बात ये है कि इनमें से दो तो छह दिन पहले और तीसरा सिर्फ दो दिन पहले ही जेल में आया था। जेल में आने के बाद तीनों देर रात फरार हो गए। आज तड़के जब जेल स्टाफ ने सिक्योरिटी वॉल पर रस्सी लटकी देखी तो हडकंप मच गया। बाद में जेल अफसरों को इसकी सूचना दी गई और स्थानीय पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस अफसर और जेल अफसरों ने घटना का जायजा लिया और उसके बाद फरार कैदियों की तलाश शुरु कर दी गई है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

ओढ़ने और बिछाने को दिया जाता है जेल में कंबल, उसी की कतरनें कर रस्सी बना ली
दरअसल प्रदेश की सभी तरह की जेलों में बंद बंदियों को ओढ़ने और बिछाने के लिए जेल प्रशासन कंबल उपलब्ध कराता है। सर्दियों में इनकी संख्या चार से पांच प्रति बंदी रहती है और गर्मियों में एक से दो रहती है। इन्हीं को ओढ़ा जाता है और इन्हीं को बिछाकर सोया जाता है। तीनों कैदियों ने इन्हीं कंबलों को कतरन में काटा और उसके बाद रस्सी बुनी। यह सब कुछ जेल स्टाफ के अलावा अन्य बंदियों से भी छुपकर किया गया। रातों रात रस्सी बुनी गई और उसके बाद फरार हो गए। 

19, 20 और 21 साल की उम्र है फरार कैदियों की 
बांसवाड़ा पुलिस ने बताया कि जो कैदी फरार हुए हैं उन पर रेप, मारपीट और अपहरण समेत अन्य धाराओं के केस दर्ज हैं। इनकी उम्र बेहद कम है। फरार होने वालों में 19 साल का प्रवीण, बीस साल का कमलेश और 21 साल का परमेश है। एक पर रेप और दो अन्य पर मारपीट और अपहरण के केस हैं। परमेश और कमलेश को दो जून को जेल में भेजा गया था और प्रवीण को तो सात जून को ही जेल में दाखिला मिला था। तीनों मौका पाकर फरार हो गए।