रिलेशनशिप डेस्क। क्या आपको भी ऐसा लगता है कि आपका पार्टनर भी आपको नियंत्रण में रख रहा है। बंदिशों में रख रहा है। कई पार्टनर ऐसे होते हैं जिन्हें लगता है कि उनका साथी उनकी हर बात माने उनके अनुसार चले। शायद ये उसका आपके लिए प्यार हो सकता है। लेकिन हद से ज्यादा कंट्रोलिंग आपको परेशान कर सकती है आपके रिश्ते पर असर डाल सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आप समझें कि कंट्रोलिंग और प्यार में क्या फर्क है। 

जब आपकी हर हरकत पर हो नजर 
प्यार करना और कंट्रोल करना अलग है। हालांकि कंट्रोलिंग गलत नहीं है क्यों कि ये आपके पार्टनर के आपकी चिंता और केयर हो सकती है। दिनभर आपसे बातें करने मैसेज करना गलत नहीं है लेकिन एक बार फोन ना रिसीव करने पर आपको दोष देना आपको खरी खोटी सुनाना। आपको फोन ना उठाने के कारण को ना समझना गलत है। जो प्यार करेगा वो समझेगा भी और समझाएगा भी। वो आपकी कमियों और खूबियों के साथ आपको एक्सेप्ट करेगा। आपकी खुशी में अपनी हंसी ढूढेगा। कंट्रोलिंग पार्टनर को आपका दोस्तों से मिलना बाहर जाना खटक सकता है। 

सिर्फ तुम ही गलत हो 
तुम ऐसा ना करती तो मेरे साथ इतना बुरा नहीं होता। जब पार्टनर सिर्फ आपकी गलती खोजे आपके दोष ढूढे फिर चाहे आपने कुछ गलत किया ही ना हो। आपकी कोई गलती ही ना हो। लेकिन आपकी गलती ढूढकर सारा दोष आपके सिपर मढ़ दे तो ऐसे इंसान से दूरी ही भली है। क्यों कि ऐसा बिहेव आपको बहुत परेशान कर सकता है। 

परिवार और दोस्तों से अलग कर दे
कहते हैं प्यार अंधा होता है। लेकिन इतना अंधा नहीं होता कि सही और गलत में फर्क ही भुला दे। जिस परिवार और दोस्तों के साथ आपका बचपन से नाता है अगर आपका पार्टनर आपको उनके लिए ही नेगिटिव करने की कोशिश करे तो दूर रहिए ऐसे रिश्ते और ऐसे साथी से। वहीं दूसरी तरफ अगर परिवार में किसी और की गलती होने पर भी वो आपको सब कुछ भुलाकर माफ करने केलिए कहे तो आप बहुत लकी हैं।