Asianet News HindiAsianet News Hindi

मां ने अपनी एक साल की बेटी की हड्डियों को तोड़ डाला, लेकिन असली सच बेहद भयानक था

वो जब रोना बंद नहीं करती थी तो लोगों को लगता था कि मैं उसे टॉर्चर करती हूं। मां का दर्द यह कहते हुए छलक पड़ता है। एक साल की बच्ची के रोने के पीछे जब वजह पता चली तो हर कोई दंग रह गया।

mother suspected of abusing beby but the real truth was terrifying NTP
Author
First Published Sep 12, 2022, 10:39 AM IST

रिलेशनशिप डेस्क. इंग्लैंड के मैनचेस्टर में रहने वाली दो बच्चों की मां अपनी एक साल की बेटी की वो कहानी सुनाई जिसे जानकर आंखें नम हो जाएगी। बच्ची तो दर्द में थी ही लेकिन दुनिया के तानों से एक मां का दिल भी छलनी हो रहा था। 23 साल की क्लो रोड्स (Chloe Rhodes) बताती हैं कि जब उनकी एक साल की बेटी ऑटम स्टीफेंसन ( Autumn Stephenson) ठीक से क्राउल नहीं कर रही थी और रोए जा रही थी। तो मैं उसे ग्रेटर मैनचेस्टर अस्पताल ले कर गई।

डॉक्टर ने जब जांच किया तो पाया कि उसके पैर और कॉलरबोन में फ्रैक्चर हैं। लेकिन चोट के कोई निशान नहीं थे। उसकी चोट इतनी बुरी थी कि डॉक्टर को लगा कि मैंने उसे टॉर्चर किया है। इसलिए उन्होंने सोशल सर्विस को सूचित किया। ताकि क्लो पर नजर रखी जा सके। उन्हें अपने बच्चों को अकेले देखभाल करने की अनुमति नहीं थी। सबको यही लगता था कि वो अपने बच्चे को मारती-पिटती हैं। 

लोगों को लगता है कि आपने बच्चे को चोट पहुंचाई है

दो बच्चों की मां क्लो करती हैं कि जब आपको यह साबित करना पड़े कि आप अपने बच्चों टॉर्चर नहीं करती हैं। आपको बार-बार सोशल सर्विस वाले देखकर जाते हों कि आप कुछ अपने बच्चे के साथ गलत तो नहीं कर रही हैं बहुत ही भयावह होता है। 

क्लो को हर समय ऑटम और उसके बड़े भाई ओलिवर के आसपास निगरानी रखनी पड़ती थी, और सोशल सर्विस द्वारा नियमित रूप से उसका दौरा किया जाता था , लेकिन उसने कुछ भी गलत नहीं किया। लोगों को जब यह पता चलता है कि आप सोशल सर्विस की निगरानी में हैं तो उन्हें यहीं लगता है कि आपने बच्चे को चोट पहुंचाई होगी। 

बच्चे को ओस्टियोजेनेसिस बीमारी थी

जनवरी 2021 में बच्ची के हड्डियों में फ्रैक्चर का पता चला। लेकिन असली वजह जुलाई 2021 में सामने आई। दरअसल ऑटम को ओस्टियोजेनेसिस इम्परफेक्टा (भंगुर हड्डी की बीमारी) थी। जिसकी वजह से उसके हड्डियों में फ्रैक्चर हो रहा था। ये सच मां के लिए बहुत ही डरावना था। 

क्लो का कहना है कि अगर शुरुआती दौर में ही डॉक्टर इस बीमारी का पता लगा लेते तो सोशल सर्विस से बचा जा सकता है। इसके साथ बच्ची का इलाज भी शुरू हो जाता। इसे लेकर जागरुकता की कमी है। ऑटम के अब तक पैर में तीन बार फ्रैक्चर हो चुके हैं। उसकी हंसली (clavicle) , कॉलरबोन, उंगली दो बार, पैर का अंगूठा में फ्रैक्चर आ चुके हैं। बावजूद इसके वो हंसती-खेलती रहती है। क्लो और उनके परिवार को डर है कि ऑटम को और दर्द सहना होगा।

क्या है इस बीमारी का इलाज

ओस्टियोजेनेसिस एक आनुवंशिक और रेयर बीमारी है। यह रोग हड्डियों को भंगुर बनाता है और हड्डिया बिना किसी कारण के आसानी ‎से टूट जाती है। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं हैं। ओस्टियोजेनेसिस इंपरफेक्टा हड्डियों को मजबूत बनाने पर जोर देता है।

और पढ़ें:

लड़की को Love You बोल 18 साल के छात्र ने छत से लगा दी छलांग, जानें सुसाइड का खौफनाक सच

10 साल तक हनीमून पर रहेंगे ये कपल,खर्च निकालने के लिए करते हैं ये हैरान करने वाला काम

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios