Maha Navami 2026 Date: शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि बहुत ही खास मानी गई है। ये नवरात्रि की अंतिम दिन होता है। इस दिन लोग अपनी कुलदेवी की पूजा भी करते हैं। इसे दुर्गा नवमी और महा नवमी के नाम से भी जानते हैं।

Maha Navmi 2026 Kab Hai: शारदीय नवरात्रि में महानवमी का विशेष महत्व है। इस दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। मान्यता है कि नवमी तिथि पर देवी की आराधना करने से सुख-समृद्धि आती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन कई घरों और मंदिरों में कन्या पूजन, हवन और विशेष पूजा भी की जाती है। साल 2026 में नवरात्रि की तिथियों को लेकर लोगों के मन में सवाल है कि महानवमी 19 अक्टूबर को मनाई जाएगी या 20 अक्टूबर को। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. नलिन शर्मा से जानिए महानवमी तिथि की सही डेट, शुभ मुहूर्त व अन्य डिटेल…

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महानवमी 2026 कब है?

पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि 19 अक्टूबर, सोमवार की सुबह 10 बजकर 52 मिनिट तक रहेगी जो 20 अक्टूबर, मंगलवार की दोपहर 12 बजकर 50 मिनिट तक रहेगी। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. नलिन शर्मा के अनुसार जो लोग अपने कुल की परंपरा के अनुसार नवमी की पूजा शाम को करते हैं वे 19 अक्टूबर को व्रत-पूजा करें और जो लोग सुबह नवमी पूजा करते हैं वे 20 अक्टूबर को व्रत-पूजा करें। इस संबंध में स्थानीय विद्वान की सलाह भी जरूर लें।

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19 अक्टूबर 2026 महानवमी शुभ मुहूर्त

सुबह 06:29 से 07:55 तक
सुबह 09:20 से 10:46 तक
सुबह 11:48 से दोपहर 12:34 तक
दोपहर 01:37 से 03:03 तक
शाम 04:28 से 05:54 तक

महानवमी पर करें ये उपाय

1. नवमी तिथि पर अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार कन्याओं को भोजन कराएं और उन्हें उपहार दें। इससे देवी की कृपा आप पर बनी रहेगी।
2. मां दुर्गा को लाल फूल चढ़ाएं। इस रंग के फूल देवी को बहुत प्रिय हैं। इससे आपके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।
3. मां सिद्धिदात्री का ध्यान करके श्रद्धा से देवी मंत्रों का जाप करें।
4. इस दिन भोजन, कपड़े या जरूरी सामान का दान करना शुभ माना जाता है।
5. दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करें।

महानवमी पूजा का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां सिद्धिदात्री की पूजा करने से भक्तों को सिद्धि, सुख और सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। मां दुर्गा का यह स्वरूप अपने भक्तों की परेशानियां दूर करने वाला माना जाता है। नवरात्रि के अंतिम दिन यानी नवमी पर कन्या पूजन करने की परंपरा भी है। इसमें छोटी कन्याओं को देवी का रूप मानकर उनकी पूजा की जाती है और भोजन कराया जाता है।


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इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।