Vijyadashni 2026: रावण को लंका का राजा और राक्षसों का शासक माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रावण का जन्म ब्राह्मण कुल में हुआ था? आखिर ब्राह्मण परिवार में जन्म लेने के बाद वह राक्षसों का राजा कैसे बना? जानें रोचक फैक्ट…
Dussehra 2026 Kab Hai: हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम की रावण पर जीत की याद में जगह-जगह रावण के पुतले जलाए जाते हैं। साल 2026 में दशहरा 20 अक्टूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। रावण से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। आगे जानिए रावण से जुड़ी ये दिलचस्प बातें…
ब्रह्मा के वंश में हुआ था रावण का जन्म
वाल्मीकि रामायण के अनुसार रावण का जन्म सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा के कुल में हुआ था। ब्रह्मा के मानस पुत्र ऋषि पुलस्त्य थे। उनकी पत्नी का नाम हविर्भू था। पुलस्त्य के पुत्र विश्रवा मुनि हुए। महर्षि विश्रवा की दो पत्नियां थीं। पहली पत्नी इड़विड़ा थीं, जिनसे कुबेर का जन्म हुआ। दूसरी पत्नी कैकसी राक्षस कुल से थीं। कैकसी की चार संतानें हुईं, जिनके नाम रावण, कुंभकर्ण, विभीषण और शूर्पणखा थे। इस तरह रावण के पिता विश्रवा ऋषि और उनके पूर्वज ब्रह्मा के वंश से जुड़े थे। इसी वजह से रावण को ब्राह्मण कुल में माना जाता है।
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रावण कैसे बना राक्षसों का राजा?
पुराणों के अनुसार, रावण के नाना का नाम सुमाली था। रावण और उसके भाई-बहनों का बचपन अपनी मां कैकसी और नाना सुमाली के साथ बीता। राक्षस कुल से संबंध होने के कारण रावण, कुंभकर्ण और शूर्पणखा में राक्षसी स्वभाव आ गए, जबकि विभीषण का स्वभाव उनसे अलग था। रावण बचपन से ही बलवान और पराक्रमी था। उसने अपनी ताकत और युद्ध कौशल के दम पर देवताओं को चुनौती दी और कई युद्धों में विजय हासिल की। उसके पराक्रम से प्रभावित होकर राक्षसों ने उसे अपना राजा स्वीकार कर लिया।
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रावण से पहले किसकी थी सोने की लंका?
रावण के पिता विश्रवा की पहली पत्नी इड़विड़ा से कुबेर का जन्म हुआ था। कुबेर ने कठोर तपस्या करके धन के देवता का पद प्राप्त किया। लंका पर पहले कुबेर का अधिकार था। जब रावण संसार को पराजित करने निकला तो उसने लंका पर आक्रमण करके अपने ही भाई कुबेर को पराजित कर दिया और सोने की लंका पर कब्जा कर लिया। इसके बाद रावण लंका का राजा बन गया।
रावण का कौन-सा पुत्र उससे भी ज्यादा शक्तिशाली था?
रामायण में रावण की कई पत्नियों की जानकारी मिलती है। इनमें मंदोदरी और धन्यमालिनी प्रमुख थीं। मंदोदरी से रावण को मेघनाद नाम का पुत्र हुआ। मेघनाद ने देवराज इंद्र को युद्ध में पराजित किया था। इसी कारण उसे इंद्रजीत भी कहा गया। मेघनाद की शक्तियां रावण से भी बढ़कर थीं। धन्यमालिनी से रावण को अतिकाय नाम का पुत्र हुआ। अतिकाय भी बहुत शक्तिशाला था, उसने युद्ध में महादेव को भी संतुष्ट कर दिया था।
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