Digestion Mantra: भोजन के बाद कौन-सा मंत्र बोलना चाहिए? इस मंत्र में किन पांच शक्तियों का उल्लेख किया गया है? भोजन के बाद इस मंत्र का जाप क्यों किया जाता है? क्या इस मंत्र के जाप से पेट के रोग पूरी तरह ठीक हो जाते हैं?

Food Digestion Mantra: हिंदू धर्म में सुबह से लेकर शाम तक के दैनिक कामों के लिए खास मंत्र बताए गए हैं। इन मंत्रों में खाना खाने के बाद का मंत्र भी शामिल है। ऐसी कहते हैं कि भोजन करने के बाद अगर एक खास मंत्र बोला जाए तो खाना जल्दी पचता है और गैस व अपच की समस्या नहीं होती। जिन लोगों का खाना जल्दी नहीं बचता, उन्हें इस मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए। आगे जानिए कौन-सा है ये मंत्र और इसका महत्व…

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खाना खाने के बाद कौन-सा मंत्र बोलें?

अगस्त्यं कुम्भकर्णं च शनिं च वडवानलम्।
आहारपरिपाकार्थं स्मरेद् भीमं च पञ्चमम् ॥

अर्थ- महर्षि अगस्त्य, कुंभकर्ण, शनिदेव, वडवानल, और भीम, भोजन के बाद इन पांचों का स्मरण करने से भोजन जल्दी पच जाता है।

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महर्षि अगस्त्य: धर्म ग्रंथों के अनुसार महर्षि अगस्त्य सप्त ऋषियों में से एक थे। उन्होंने समुद्र का सारा पानी पी लिया था। इसलिए उन्हें अद्भुत पाचन शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

कुंभकर्ण: रामायण में रावण के भाई कुंभकर्ण का वर्णन मिलता है। वह बहुत ज्यादा भोजन करता है और उसे आसानी से पचा भी लेता है। मान्यता है कि उनका नाम लेने से खाना जल्दी पच जाता है।

शनिदेव: शनि को धैर्य, संतुलन और कर्मफल का देवता माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार उनका स्मरण शरीर और मन में संतुलन बनाए रखने में सहायक माना जाता है। मंत्र के जरिए इनका नाम लेने से सभी तरह के रोग दूर होते हैं।

वडवानल: धर्म ग्रंथों के अनुसार समुद्र के भीतर एक दिव्य अग्नि है, जिसे वडवानल कहा गया है। यह अग्नि हर चीज को भस्म करने की शक्ति रखती है, इसलिए इसे पाचन अग्नि का प्रतीक माना जाता है।

भीम: महाभारत के भीम अपनी असाधारण शक्ति और भोजन क्षमता के लिए प्रसिद्ध थे। इस कारण उन्हें भी इस मंत्र में स्थान दिया गया है। उनके पेट में एक विशेष अग्नि थी जिससे वो कितना भी भोजन करें, आसानी से उसे पचा लेते थे।

कब और कैसे करें मंत्र का जाप?

धार्मिक मान्यता के अनुसार खाना खाने के बाद शांत मन से ऊपर पताए गए मंत्र का एक, तीन या पांच बार जाप करना शुभ माना जाता है। कई लोग भोजन के बाद पानी पीते समय भी इस मंत्र को बोलते हैं। इससे भोजन जल्दी पच जाता है और गैस व अजीर्ण की समस्या नहीं होती।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।