Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज पर महिलाएं एक स्थान पर एकत्रित होकर झूला झूलती हैं और गीत गाती हैं। ये गीत बहुत ही खास होते हैं। भारत में ये गीत स्थान के साथ-साथ बदलते जाते हैं।

Hariyali Teej Famous Songs Lyrics: हर साल श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है। ये उत्सव सिर्फ व्रत-पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोक संस्कृति, संगीत और परंपराओं का भी पर्व भी है। सावन के महीने में झूला झूलती हुई महिलाएं पारंपरिक तीज गीत गाकर इस पर्व का आनंद लेती हैं। इस बार हरियाली तीज 15 अगस्त, शनिवार को मनाई जाएगी। इस दिन शिव-पार्वती की पूजा के साथ लोकगीत गाने की परंपरा भी सदियों से चली आ रही है। आगे पढ़ें हरियाली तीज के कुछ फेमस गीत…

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सावन का महीना झुलावे चित चोर लिरिक्स

सावन का महीना, झुलावे चित चोर, धीरे झूलो राधे पवन करे शोर,
मनवा घबराये मोरा बहे पूरवैया, झूला डाला है नीचे कदम्ब की छैयां…
कारी अंधियारी घटा है घनघोर, धीरे झूलो राधे पवन करे शोर,
सखियां करे क्या जाने हमको इशारा, मन्द मन्द बहे जल यमुना की धारा…
सावन का महीना झूलावे चित चोर…
श्री राधेजी के आगे चले ना कोई जोर, धीरे झूलो राधे, पवन करे शोर,
मेघवा तो गरजे देखो बोले कोयल कारी, पाछवा में पायल बाजे नाचे बृज की नारी…
श्री राधे परती वारो हिमरवाकी और, धीरे झूलो राधे पवन करे शोर,
सावन का महीना झूलावे चित चोर…

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अम्मा मेरी रंग भरा जी गीत लिरिक्स

अम्मा मेरी रंग भरा जी, ए जी कोई आई हैं हरियाली तीज।
घर-घर झूला झूलें कामिनी जी, बन बन मोर पपीहा बोलता जी।
एजी कोई गावत गीत मल्हार,सावन आया…
कोयल कूकत अम्बुआ की डार पें जी, बादल गरजे, चमके बिजली जी।
एजी कोई उठी है घटा घनघोर, थर-थर हिवड़ा अम्मा मेरी कांपता जी।

छाई घटा घनघोर, सावन दिन आ गए गीत लिरिक्स

अरी बहना! छाई घटा घनघोर, सावन दिन आ गए।
उमड़-घुमड़ घन गरजते, अरी बहना! ठण्डी-ठण्डी पड़त फुहार,
सावन दिन…
बादल गरजे बिजली चमकती, अरी बहना! बरसत मूसलधार।
सावन दिन…
कोयल तो बोले हरियल डार पे, अरी बहना! हंसा तो करत किलोल।
सावन दिन…
वन में पपीहा पिऊ पिऊ रटै, अरी बहना! गौरी तो गावे मल्हार।
सावन दिन…
सखियां तो हिलमिल झूला झूलती, अरी बहना! हमारे पिया परदेस।
सावन दिन…
लिख-लिख पतियां मैं भेजती, अजी राजा सावन की आई बहार।
सावन दिन…
हमरा तो आवन गोरी होय ना, अजी गोरी! हम तो रहे मन मार।
सावन दिन…
राजा बुरी थारी चाकरी,
अजी राजा जोबन के दिन चार
सावन दिन...

नांनी नांनी बूंदियां गीत लिरिक्स

नांनी नांनी बूंदियां हे सावन का मेरा झूलणा,
एक झूला डाला मैंने बाबल के राज में,
बाबुल के राज में…
संग की सहेली हे सावन का मेरा झूलणा,
नांनी नांनी बूंदियां, हे सावन का मेरा झूलणा।
ए झूला डाला मैंने भैया के राज में,
भैया के राज में..
गोद भतीजा हे सावन का मेरा झूलणा,
नांनी नांनी बूंदियां हे सावन का मेरा झूलणा...

झुला झूल रही सब सखियां गीत लिरिक्स

झुला झूल रही सब सखियां, आई हरयाली तीज आज,
राधा संग में झूलें कान्हा झूमें अब तो सारा बाग,
झुला झूल रही सब सखियां, आई हरयाली तीज आज,
नैन भर के रस का प्याला देखे, श्यामा को नंद लाला,
घन बरसे उमड़-उमड़ के देखो नृत्य करे बृज बाला,
छमछम करती ये पायलियां खोले मन के सारे राज,
झुला झूल रही सब सखियां, आई हरयाली तीज आज।