Indira Ekadashi Kab Hai: हिंदू धर्म में एकादशी को बहुत ही शुभ तिथि माना गया है। एक साल में कुल 24 एकादशी होती है। इनमें से आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी कहते हैं।
Indira Ekadashi 2026 Date: पितृ पक्ष में आने वाली इंदिरा एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से पुण्य फल मिलता है। साथ ही, इंदिरा एकादशी का व्रत पितरों को समर्पित माना जाता है। कहा जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से पितरों को शांति मिलती है और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है। इस साल इंदिरा एकादशी का व्रत 6 अक्टूबर, मंगलवार को किया जाएगा। जानें इस दिन कौन-से काम न करें…
चावल न खाएं
धार्मिक मान्यता के अनुसार एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। व्रत रखने वाले लोगों को खास तौर पर चावल और उससे बनी चीजों से परहेज करना चाहिए। एकादशी पर सात्विक भोजन करने की परंपरा है।
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मांस-मदिरा से दूर रहें
इंदिरा एकादशी के दिन मांस, मछली, अंडा और शराब जैसी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन शरीर और मन को सात्विक रखने पर जोर दिया जाता है। घर में भी सात्विक वातावरण बनाए रखना शुभ माना जाता है। ये नियम सभी एकादशी तिथि के लिए भी मान्य है।
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किसी का अपमान या विवाद न करें
एकादशी का व्रत मन पर संयम रखना सीखाता है इसलिए इस दिन किसी से बेवजह बहस करना, गुस्सा करना या किसी का अपमान करना अच्छा नहीं माना जाता। खासतौर पर पितृ पक्ष में मन को शांत रखने और अच्छे विचारों के साथ पूजा-पाठ करने की सलाह दी जाती है। इसलिए इस दिन वाणी पर संयम रखें।
बाल और नाखून काटने से बचें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन बाल और नाखून काटने से बचना चाहिए। खास ही इस दिन तेल मालिश न करवाएं और पान भी न खाएं। पान खाना राजसी प्रवृत्ति माना जाता है।
तुलसी के पत्ते न तोड़ें
भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी का विशेष महत्व है, लेकिन एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचना चाहिए। पूजा के लिए तुलसी के पत्ते पहले से तोड़कर रखे जा सकते हैं। मान्यता है कि भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित करने से पूजा का विशेष फल मिलता है।
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