Mahashivratri 2026 पर भद्रा का संयोग, क्या पूजा में आएगी बाधा? जानें शुभ मुहूर्त
Mahashivratri 2026 Kab Hai: इस बार महाशिवरात्रि पर भद्रा का संयोग बन रहा है। ऐसी स्थिति में लोगों के मन में ये संशय है कि क्या भद्रा का असर शिवजी की पूजा पर भी होगा या फिर मुहूर्त में कोई परेशानी आ सकती है। जानें क्या कहते हैं विद्वान?

कब है महाशिवरात्रि 2026?
2026 maha shivaratri date: हर साल की तरह इस साल भी फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इस बार ये तिथि 15 फरवरी, रविवार को है। इस दिन कईं शुभ योग भी बनेंगे जिससे इस पर्व का महत्व और भी अधिक हो गया है। साथ ही इस दिन भद्रा का संयोग भी बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में भद्रा को अशुभ माना गया है इसलिए लोगों के मन में ये संशय है कि भद्रा होने से महाशिवरात्रि पर्व पर पूजा के मुहूर्त में क्या कोई परेशानी आ सकती है? उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी से जानिए महाशिवरात्रि पर कब से कब तक रहेगी भद्रा और इससे जुड़ी खास बातें…
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महाशिवरात्रि पर कब से कब तक रहेगी भद्रा?
पंचांग के अनुसार, 15 फरवरी, रविवार की शाम 05 बजकर 05 मिनिट पर भद्रा शुरू होगी जो 16 फरवरी, सोमवार की सुबह 05 बजकर 24 मिनिट तक रहेगी। यानी महाशिवरात्रि पर भद्रा पूरी रात रहेगी। चूंकि महाशिवरात्रि पर रात्रि पूजन का महत्व है, इसलिए पूजन को लेकर आम लोगों के मन में कन्फ्यूजन की स्थिति बन रही है कि क्या रात्रि के शुभ मुहूर्त में महादेव की पूजा कर सकते हैं?
क्या महाशिवरात्रि पूजन पर होगा भद्रा का असर?
ज्योतिषाचार्य पं. द्विवेदी के अनुसार भद्रा वैसे तो अशुभ समय है और शुभ कार्य और पूजन में ये समय अच्छा नहीं माना जाता है लेकिन महाशिवरात्रि व्रत-पूजा पर इसका किसी तरह का कोई प्रभाव नहीं है। किसी भी ज्योतिष ग्रंथ में महाशिवरात्रि पर्व पर भद्रा का प्रभाव का कोई उल्लेख नहीं मिलता है। इसलिए भद्रा के दौरान भी भक्त रात भर महादेव की पूजा कर सकते हैं। इसका भी उन्हें पूरा फल प्राप्त होगा।
महाशिवरात्रि 2026 रात्रि पूजा मुहूर्त
प्रथम प्रहर पूजा मुहूर्त- शाम 06:11 से रात 09:23 तक
द्वितीय प्रहर पूजा मुहूर्त- रात 09:23 से 12:35 तक
तृतीय प्रहर पूजा मुहूर्त- रात 12:35 से 03:47 तक
चतुर्थ प्रहर पूजा मुहूर्त- तड़के 03:47 से सुबह 06:59 तक
मध्य रात्रि 12:09 से 01:01 तक (निशीथ काल मुहूर्त)
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
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