Kashi Vishwanath Live Telecast: हमारे देश में शिवजी के अनेक मंदिर हैं, लेकिन इन सभी में काशी विश्वनाथ का महत्व सबसे अधिक माना जाता है। कहते हैं कि काशी भगवान शिव के त्रिशूल पर टिका हुआ है। काशी विश्वनाथ 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
Kashi Vishwanath Live Darshan: आज 15 फरवरी, रविवार को पूरे देश में महाशिवरात्रि पर्व की धूम मची हुई है। वाराणसी यानी काशी में भी महाशिवरात्रि का उत्साह देखने को मिल रहा है। यहा रात से ही बाबा विश्वनाथ की एक झलक देखने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई है। मंदिर प्रशासन का अनुमान है कि इस महाशिवरात्रि लगभग 10 से 12 लाख से अधिक लोग दर्शन के लिए आएंगे। अगर आप किसी वजह से काशी विश्वनाथ मंदिर नही जा पा रहे हैं तो नीचे लाइव दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं-
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सुबह से उमड़ा भक्तों का सैलाब
महाशिवरात्रि के मौके पर सुबह से ही वाराणसी में भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है। दूर-दूर से भक्त यहां बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आ रहे हैं। सुबह विशेष मंगला आरती के बाद बाबा विश्वनाथ के दिव्य दर्शनों का दौर चल रहा है। सुरक्षा के लिए ड्रोन कैमरे व पुलिस बल तैनात हैं। बाबा विश्वनाथ के दर्शनों के लिए लगभग 4 किमी लंबी लाइन लगी है।
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12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है काशी विश्वनाथ
काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग प्रमुख 12 ज्योतिर्लिंगों में सातवे स्थान पर आता है। ऐसी मान्यता है कि जो एक बार इस मंदिर के दर्शन कर पवित्र गंगा में स्नान कर लेता है उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है व दूसरा जन्म नहीं लेना पड़ता। शिवपुराण के अनुसार प्रलयकाल में जब समस्त संसार का नाश हो जाता है, उस समय भी काशी अपने स्थान पर रहती है। प्रलयकाल आने पर भगवान शंकर इसे अपने त्रिशूल पर धारण कर लेते हैं और प्रलय खत्म होने पर इसे अपने स्थान पर रख देते हैं।
महारानी अहिल्याबाई ने करवाया था जीर्णोद्धार
मुगल काल के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर पर अनेक आक्रमण कर इसे ध्वस्त करने का प्रयास किया गया। इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने 1777 में काशी विश्वनाथ मंदिर का पूर्णत: जीर्णोद्धार कराया। साल 1853 में पंजाब के राजा रणजीत सिंह ने 22 टन सोने से मंदिर के शिखरों को स्वर्णमंडित करवाया था। काशी विश्वनाथ मंदिर का वर्णन महाभारत आदि अनेक धर्म ग्रंथों में भी मिलता है।
