The Curses of the Mahabharata: महाभारत में किसने दिया था महिलाओं को श्राप? महिलाओं के पेट में क्यों कोई बात नहीं टिकती, इसके पीछे क्या कारण है? धर्मराज युधिष्ठिर ने किस बात से नाराज होकर महिलाओं को श्राप दिया था?

Mahabharata Interesting Facts: महाभारत की कथा जितनी रोचक है उतनी ही रहस्यमयी भी है। इसमें बहुत सी ऐसी बातें हैं जिनके बारे में कम ही लोगों को पता है। महाभारत में एक ऐसे श्राप के बारे में जानकारी मिलती है जिसके कारण महिलाएं आज भी परेशान हैं। सुनने में ये बात अजीब लगे लेकिन इसे पूरी तरह से नकारा भी नहीं जा सकता है। ये श्राप और किसी ने नहीं बल्कि स्वयं धर्मराज युधिष्ठिर ने महिलाओं को दिया था। आगे जानिए क्या है इस श्राप से जुड़ी कथा…

ये भी पढ़ें-
Nirjala Ekadashi 2026: 2 दिन रहेगी निर्जला एकादशी, किस दिन करें व्रत-पूजा? जानें सही डेट

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

कुंती ने युधिष्ठिर को कौन-सा सच बताया?

महाभारत के शांति पर्व के अनुसार, जब युद्ध समाप्त हो गया तो युधिष्ठिर आदि सभी पांडव अपने मृत परिजनों का श्राद्ध आदि कर्म कर रहे थे। उस समय उनकी माता कुंती ने युधिष्ठिर से दानवीर कर्ण का श्राद्ध करने को भी कहा। जब युधिष्ठिर ने पूछा कि ‘कर्ण तो भरतवंशी नहीं और न ही हमारे कोई रिश्तेदार हैं तो उनका श्राद्ध मैं कैसे कर सकता हूं?’
युधिष्ठिर की बात सुनकर कुंती ने कहा ‘कर्ण और कोई नहीं मेरा सबसे बड़ा पुत्र था, इसलिए तुम्हें उसका श्राद्ध करना चाहिए तभी उसकी आत्मा को भी मोक्ष प्राप्त हो।’
अपनी माता के मु्ख से कर्ण के जन्म की कथा सुन युधिष्ठिर को बहुत दुख हुआ और अपनी माता कुंती से कहा ‘ये बात अगर आप पहले बता देतीं तो हम अपने भाई की मृत्यु के पाप से बच जाते।’

ये भी पढ़ें-
Sawan 2026 Start Date: क्यों 1 महीना देर से आएगा सावन, कब से शुरू होगा, कितने सोमवार होंगे?

युधिष्ठिर ने दिया महिलाओं को श्राप?

इस घटना के बाद युधिष्ठिर ने पूरी महिला जाति को श्राप देते हुए कहा ‘आज के बाद कोई भी स्त्री अपने पेट में कोई राज की बात नहीं छिपा पाएगी अर्थात वे किसी रहस्य को लंबे समय तक छिपाकर नहीं रख पाएंगी।’ मान्यता है कि युधिष्ठिर का ये श्राप आज के समय में भी अपना असर दिखा रहा है।

इसलिए महिलाएं हैं परेशान

महिलाओं के बारे में आज भी ये बात कही जाती है कि कोई भी राज की बात वे ज्यादा समय तक छिपा तक नहीं रख सकती है। किसी न किसी बहाने वे इस राज की बात को बता ही देती हैं। इसके पीछे युधिष्ठिर के श्राप को ही कारण माना जाता है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।