MalayalamNewsableKannadaKannadaPrabhaTeluguTamilBanglaHindiMarathiMyNation
Add Preferred SourceGoogle-icon
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • ताज़ा खबर
  • न्यूज
  • GK
  • फोटो गैलरी
  • राज्य
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • बिज़नेस
  • वीडियो
  • खेल
  • धर्म
  • ज्योतिष
TRENDING :
Delhi Crime
Chhatrapati Sambhajinagar death
Cambridge study ISRO
Delhi Software Engineer Murder
Global News Snapshot
Abhijit Dipke FIR
US-Canada Tariff War
MV Ocean-Winner ship sinking
Bangladesh Islamic NATO
Check Book New Rules 2026
Pakistan political crisis
Delhi Adobe engineer murder
Canada US Trade Talks Paused
Bihar Mid Day Meal
BJP SAD Alliance Punjab
7 Dogs Box Office Collection
Chhatrapati Sambhajinagar News
Hyderabad Aston Martin Accident
Toxic Advance Booking & Box Office Collection
Maharashtra iPhone EMI Tragedy
Top 10 News Today
Batwara 1947 Box Office Collection
Aaj Ka Rashifal
Delhi Weather
Bihar & Jharkhand Weather
  • Home
  • Religion
  • महाशिवरात्रि पर जल चढ़ाते समय ये 5 गलतियाँ कर दीं तो शिव नाराज़ हो सकते हैं

महाशिवरात्रि पर जल चढ़ाते समय ये 5 गलतियाँ कर दीं तो शिव नाराज़ हो सकते हैं

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर जल चढ़ाने की सही विधि क्या है? किस दिशा में बैठकर, किस पात्र से और कौन-सा मंत्र जपना चाहिए? जानिए शिव पुराण व काशी परंपरा में बताए गए जलाभिषेक के नियम और आम गलतियाँ।

3 Min read
Author : Akshansh Kulshreshtha
Published : Feb 06 2026, 05:39 PM IST
Share this Photo Gallery
  • FB
  • TW
  • Linkdin
  • Whatsapp
  • GNFollow Us
16
महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक की सही विधि: श्रद्धा, दिशा और पात्र का महत्व
Image Credit : our own

महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक की सही विधि: श्रद्धा, दिशा और पात्र का महत्व

महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि शिव-तत्व को समझने और आत्मसमर्पण का अभ्यास करने का अवसर है। देशभर में करोड़ों श्रद्धालु इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं, लेकिन विडंबना यह है कि अधिकतर लोग परंपरा निभा तो लेते हैं, पर उसकी सही विधि और भावार्थ से अनजान रहते हैं। शास्त्रों और काशी परंपरा में जलाभिषेक को लेकर जो नियम बताए गए हैं, उनका उद्देश्य दिखावा नहीं, बल्कि साधक की चेतना को सही दिशा में ले जाना है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred
26
जलाभिषेक में पात्र का चयन क्यों अहम है
Image Credit : Gemini

जलाभिषेक में पात्र का चयन क्यों अहम है

सबसे पहले उस पात्र की बात, जिससे जल अर्पित किया जाता है। शिवलिंग पर स्टील या लोहे के बर्तन से जल चढ़ाना शास्त्रीय रूप से उचित नहीं माना गया है। परंपरा में पीतल, तांबा या चांदी के पात्र को ही श्रेष्ठ बताया गया है। इन धातुओं को सात्त्विक माना गया है और माना जाता है कि ये साधक की भावना को शुद्ध रूप में शिव तक पहुंचाने में सहायक होती हैं।

Related Articles

Related image1
Shivratri Kab Hai: किसने लिखा शिव तांडव स्त्रोत? जानें रोचक कथा और इसके 5 फायदे
Related image2
Mahashivratri Story: क्या महाशिवरात्रि पर हुआ था शिव-पार्वती का विवाह? जानें सच
36
दिशा और आसन: साधना का मौन अनुशासन
Image Credit : Getty

दिशा और आसन: साधना का मौन अनुशासन

जलाभिषेक करते समय खड़े होकर जल अर्पित करना या पूर्व दिशा की ओर मुख करना एक सामान्य भूल है। शास्त्रों के अनुसार साधक को बैठकर उत्तर दिशा की ओर मुख करके शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए। उत्तर दिशा को कुबेर और ज्ञान की दिशा माना गया है, जो शिव-साधना के अनुकूल मानी जाती है। बैठने की अवस्था साधक को स्थिरता और विनम्रता का बोध कराती है।

46
जल एक साथ नहीं, धारा में अर्पित करें
Image Credit : Gemini

जल एक साथ नहीं, धारा में अर्पित करें

भगवान शिव को जालंधर या जलधारा प्रिय कहा गया है। इसका अर्थ यह नहीं कि अधिक जल अर्पित करना ही भक्ति है, बल्कि धीरे-धीरे, निरंतर धारा के रूप में जल चढ़ाना ही सही विधि है। पूरा जल एक साथ उड़ेल देना भावनात्मक जल्दबाज़ी को दर्शाता है, जबकि धारा में अर्पण संयम और ध्यान का प्रतीक है।

56
मंत्र का महत्व: शब्द नहीं, चेतना
Image Credit : pinterest

मंत्र का महत्व: शब्द नहीं, चेतना

जलाभिषेक के समय मंत्रोच्चारण साधना को पूर्ण करता है। शिव-नमस्कार मंत्र का उच्चारण करते हुए जल अर्पित करना विशेष फलदायी माना गया है—

नमः शम्भवाय च मयोभवाय च।

नमः शंकराय च मयस्कराय च।

नमः शिवाय च शिवतराय च॥

हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि शिव मंत्रों के शब्दों से नहीं, बल्कि भाव और समर्पण से प्रसन्न होते हैं। यदि मंत्र शुद्ध उच्चारण के साथ न भी हो पाए, लेकिन भाव सच्चा हो, तो वह अर्पण स्वीकार्य होता है।

 
 
 
 
View this post on Instagram
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by Kashi Archan Foundation (@kashiarchan)

66
शिव जल नहीं, भाव स्वीकार करते हैं
Image Credit : Asianet News

शिव जल नहीं, भाव स्वीकार करते हैं

शिवलिंग पर अर्पित जल वस्तुतः प्रतीक है। शिव स्वयं कहते हैं कि वे जल नहीं, बल्कि भक्त का अहंकार-त्याग और पूर्ण समर्पण स्वीकार करते हैं। यही कारण है कि जलाभिषेक एक कर्मकांड नहीं, बल्कि आत्मिक प्रक्रिया है।

महाशिवरात्रि पर यदि हम विधि, दिशा, पात्र और भाव—इन चारों का ध्यान रखें, तो जलाभिषेक केवल परंपरा नहीं, बल्कि साधना बन जाता है। शिव को प्रसन्न करने के लिए बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि भीतर की शुद्धता आवश्यक है।

धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।

About the Author

AK
Akshansh Kulshreshtha
अक्षांश कुलश्रेष्ठ। पत्रकार के क्षेत्र में 4 साल से ज्यादा का अनुभव। दिसंबर 2024 से एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर ये हाइपर लोकल, ट्रेन्डिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, हेल्थ और यूटिलिटी की खबरों पर काम कर रहे हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता और जनसंचार की डिग्री ली हुई है। इनके पास डिजिटल मीडिया मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव, सोशल मीडिया मार्केटिंग, ऑनलाइन ब्रांडिंग और कंटेंट प्रमोशन का भी अनुभव है।
महाशिवरात्रि

Latest Videos
Recommended Stories
Recommended image1
Raksha Bandhan Thali: रक्षा बंधन की थाली में भूलकर न रखें ये 5 चीजें! जानें वजह
Recommended image2
Onam 2026 Kab Hai: कब है ओणम, 25 या 26 अगस्त, क्यों मनाते हैं? जानें मान्यता और रोचक इतिहास
Recommended image3
Putrada Ekadashi Vrat Katha: राजा को कैसे मिली योग्य संतान? पढ़ें पुत्रदा एकादशी की ये कथा
Recommended image4
Last Sawan Somwar 2026: कब है सावन का अंतिम सोमवार? जानें जलाभिषेक का मुहूर्त, पूजा विधि और उपाय
Recommended image5
Raksha Bandhan 2026: इस बार रक्षा बंधन पर भद्रा रहेगी या नहीं? जानें उज्जैन के ज्योतिषाचार्य से
Related Stories
Recommended image1
Shivratri Kab Hai: किसने लिखा शिव तांडव स्त्रोत? जानें रोचक कथा और इसके 5 फायदे
Recommended image2
Mahashivratri Story: क्या महाशिवरात्रि पर हुआ था शिव-पार्वती का विवाह? जानें सच
NEWS
Hindi NewsLatest News in HindiWorld News in HindiBreaking News in HindiTechnology News in HindiAuto News in HindiToday News in HindiNational News in Hindi
SPORTS
Sports News in HindiCricket News in Hindi
ENTERTAINMENT
Bollywood News in HindiEntertainment News in HindiTV News in HindiSouth Cinema NewsBhojpuri News
BUSINESS
Business News in HindiMoney News in Hindi
CAREER
Sarkari NaukriSarkari YojanaCareer News in Hindi
ASTROLOGY
Aaj Ka RashifalRashifal in HindiTarot Card ReadingNumerology in HindiReligion News in Hindi
STATES
Rajasthan News in HindiUP News in HindiUttarakhand News in HindiDelhi News in HindiMaharashtra News in HindiPunjab News in HindiMP News in HindiBihar News in HindiJharkhand News in HindiHaryana News in HindiChhattisgarh News in Hindi
Asianet
Follow us on
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • Download on Android
  • Download on IOS
  • About Website
  • Terms of Use
  • Privacy Policy
  • CSAM Policy
  • Complaint Redressal - Website
  • Compliance Report Digital
  • Investors
© Copyright 2026 Asianxt Digital Technologies Private Limited (Formerly known as Asianet News Media & Entertainment Private Limited) | All Rights Reserved