शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। देवी दुर्गा का यह स्वरूप बेहद शक्तिशाली और उग्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि दुष्टों और राक्षसों का संहार करती हैं।

Navratri 2026 Devi Kalratri Puja Vidhi: इस बार शारदीय नवरात्रि में मां कालरात्रि की पूजा 17 अक्टूबर, शनिवार को की जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी की पूजा सात्विक और तांत्रिक, दोनों तरह की परंपराओं से की जाती है। इनका रंग काला है, इसलिए इन्हें कालरात्रि कहा जाता है। नवरात्रि के इस दिन भक्त मां की आराधना करके सुख-समृद्धि और भय से मुक्ति की कामना करते हैं। आइए जानते हैं मां कालरात्रि की पूजा विधि, मंत्र और शुभ मुहूर्त…

17 अक्टूबर 2026 के शुभ मुहूर्त

सुबह 07:54 से 09:20 तक
दोपहर 11:49 से 12:35 तक (अभिजीत मुहूर्त)
दोपहर 12:12 से 01:38 तक
दोपहर 03:04 से शाम 04:30 तक

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देवी कालरात्रि की पूजा विधि और मंत्र

- 17 अक्टूबर, शनिवार की सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें। हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर मां कालरात्रि की पूजा का संकल्प लें।
- घर के पूजा स्थल पर साफ लकड़ी की चौकी रखें और उस पर मां कालरात्रि की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। देवी को तिलक लगाएं।
- देवी कालरात्रि को फूलों की माला अर्पित करें। इसके बाद सरसों के तेल का दीपक जलाएं। रोली, चावल, अबीर, गुलाल, मेहंदी, फूल अर्पित करें।
- देवी को गुड़ या गुड़ से बनी मिठाइयों जैसे रेवड़ी और गजक का भोग लगाएं। मां कालरात्रि के मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे मन को शांति मिलती है।
- पूजा के अंत में मां कालरात्रि की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि व खुशहाली की प्रार्थना करें। इससे आपकी हर कामना पूरी होगी।

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देवी कालरत्रि का मंत्र

एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टक भूषणा।
वर्धन्मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी॥

मां कालरात्रि की आरती

कालरात्रि जय-जय-महाकाली। काल के मुंह से बचाने वाली॥
दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा। महाचंडी तेरा अवतार॥
पृथ्वी और आकाश पे सारा। महाकाली है तेरा पसारा॥
खडग खप्पर रखने वाली। दुष्टों का लहू चखने वाली॥
कलकत्ता स्थान तुम्हारा। सब जगह देखूं तेरा नजारा॥
सभी देवता सब नर-नारी। गावें स्तुति सभी तुम्हारी॥
रक्तदंता और अन्नपूर्णा। कृपा करे तो कोई भी दुःख ना॥
ना कोई चिंता रहे बीमारी। ना कोई गम ना संकट भारी॥
उस पर कभी कष्ट ना आवें। महाकाली माँ जिसे बचाबे॥
तू भी भक्त प्रेम से कह। कालरात्रि माँ तेरी जय॥

नवरात्रि के सातवें दिन किस रंग के कपड़े पहनें?

नवरात्रि के सातवें दिन ग्रे या रॉयल ब्लू रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। ग्रे रंग गंभीरता, स्थिरता और संतुलन का प्रतीक है। वहीं, रॉयल ब्लू यानी गहरा नीला रंग आत्मविश्वास, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है।


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