Ghat Sthapana Shubh Muhurat 2026: इस बार शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से हो रही है। पहले दिन घरों और मंदिरों में घट स्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा शुरू होगी।
Shardiya Navratri 2026 Ghat Sthapana Shubh Muhurat: इस बार शारदीय नवरात्रि का पर्व 11 से 20 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। नवरात्रि के पहले दिन यानी 11 अक्टूबर को माता प्रतिमा के साथ-साथ घट स्थापना भी की जाएगी। इस बार घट स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त के अलावा और भी कईं शुभ मुहूर्त हैं। अपनी सुविधा के अनुसार आप इन मुहूर्तों में घट स्थापना कर सकते हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मितेष पाण्डे से जानिए नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के कितने शुभ मुहूर्त रहेंगे और इनका समय क्या रहेगा…
घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश स्थापना के साथ ही नवरात्रि की पूजा शुरू होती है। इस दिन श्रद्धालु अपनी सुविधा और पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त में घट स्थापना कर सकते हैं। ये हैं घट स्थापना के लिए दिन भर के शुभ मुहूर्त…
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घट स्थापना के लिए विशेष शुभ मुहूर्त
वृश्चिक स्थिर लग्न: सुबह 9:12 से 11:30 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:50 से दोपहर 12:37 बजे तक
कुंभ स्थिर लग्न: दोपहर 3:17 से शाम 4:45 बजे तक
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घट स्थापना के लिए चौघड़िया मुहूर्त
सुबह 7:55 से 9:18 बजे तक
सुबह 9:18 से 10:46 बजे तक
सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:14 बजे तक
दोपहर 1:41 से 3:09 बजे तक
शाम 6:04 से 7:36 बजे तक
शाम 7:36 से रात 9:09 बजे तक
रात 9:09 से 10:41 बजे तक
नवरात्रि में घट स्थापना क्यों करते हैं?
नवरात्रि के पहले दिन कलश या घट स्थापना करना देवी शक्ति के आह्वान का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि कलश में देवी-देवताओं और पवित्र नदियों का वास होता है। इसे सुख, समृद्धि, शुभता और जीवन में सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। कलश के ऊपर नारियल और आम या अशोक के पत्ते रखने की परंपरा है। कलश में जल भरकर उसकी पूजा की जाती है।
घट स्थापना का क्या है महत्व?
घट स्थापना को नवरात्रि की पूजा का आरंभ माना जाता है। इसके माध्यम से भक्त मां दुर्गा को अपने घर में विराजमान होने के लिए आमंत्रित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है। नवरात्रि के दौरान व्रत, पूजा, दान और जरूरतमंदों की मदद करने की भी परंपरा है।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
