Sarva Pitru Amavasya Remedies: श्राद्ध पक्ष का धर्म ग्रंथों में विशेष महत्व बताया गया है। इस तिथि पर सभी ज्ञात-अज्ञात पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जा सकता है। इस बार सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या पर शनिश्चरी अमावस्या का संयोग भी बन रहा है।

Sarva Pitru Amavasya 2026: पितृ पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या होती है। इसे पितृ मोक्ष अमावस्या, महालया अमावस्या और पितृ विसर्जनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस दिन पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व है। इस बार सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को है। खास बात यह है कि इस दिन शनिश्चरी अमावस्या का संयोग भी बन रहा है। आगे जानिए पितृ मोक्ष अमावस्या का महत्व, शुभ मुहूर्त व उपाय…

सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या 2026 शुभ मुहूर्त

कुतुप मुहूर्त: सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:37 बजे तक
रौहिण मुहूर्त: दोपहर 12:37 बजे से 1:23 बजे तक
अपराह्न काल: दोपहर 1:23 बजे से 3:42 बजे तक।

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सर्वपितृ अमावस्या पर किसका श्राद्ध करें?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिन पूर्वजों की मृत्यु तिथि मालूम नहीं होती या किसी कारण उनका श्राद्ध तय तिथि पर नहीं हो पाता, उनके लिए सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध करना चाहिए। इनके अलावा पूर्णिमा तिथि पर मृत परिजनों का श्राद्ध भी इसी दिन करें। इस दिन श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से ज्ञात-अज्ञात सभी पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।

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सर्वपितृ अमावस्या का महत्व

सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या को महालय अमावस्या भी कहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के पहले दिन पितर धरती पर आते हैं और अमावस्या के दिन वापस लौट जाते हैं। इसलिए इस दिन किया गया श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान सभी ज्ञात-अज्ञात पितरों को समर्पित होता है। जिन लोगों का अंतिम संस्कार विधि-विधान से नहीं हो पाया हो, उनके लिए भी इस दिन श्राद्ध करने की मान्यता है। इसके अलावा, जिनकी संतान नहीं है या जिनका विवाह नहीं हुआ था, ऐसे पूर्वजों के लिए भी सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध किया जा सकता है।

सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या के उपाय

1. जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं और अनाज या कपड़ों का दान करें।
2. अपनी सामर्थ्य के अनुसार ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
3. गाय, कौवे और कुत्ते को भोजन खिलाएं।
4. विधि-विधान से पितरों का तर्पण और पिंडदान करें।
5. वृद्धाश्रम में जरूरी चीजें जैसे अनाज, कपड़े आदि का दान करें।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।